मन्त्रसिद्धि के लक्षण Mantra Siddhi Ke Laksan

मन्त्रसिद्धि के लक्षण Mantra Siddhi Ke Laksan

मन्त्रसिद्धि के लक्षण Mantra Siddhi Ke Laksan मन्त्रसिद्धि के लक्षण विना क्लेश के मनोरथ सिद्ध होना ही मन्त्रसिद्धि का प्रधान लक्षण है। साधक जब जिस बात की इच्छा करे, वह उसी समय पूरी हो जाय तो समझे कि मन्त्रसिद्धि मिल गई है। मृत्यु-निवारण, देवता-दर्शन, विना क्लेश के...

ज्योतिष से जाने पिछले जन्म में आप क्या थे ?

गीताप्रेस गोरखपुर दवारा प्रकाशित परलोक और पुनर्जन्मांक पुस्तक में इस विषय पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया है। उसके अनुसार शिशु जिस समय जन्म लेता है। उस समय, स्थान व तिथि को देखकर उसकी जन्म कुंडली बनाई जाती है। उस समय के ग्रहों की स्थिति के अध्ययन के फलस्वरूप यह जाना...

ज्योतिष और विवाह योग और उपाय (Vivha Yoga

ज्योतिषीय दृष्टि से जब विवाह योग बनते हैं, तब विवाह टलने से विवाह में बहुत देरी हो जाती है। वे विवाह को लेकर अत्यंत चिंतित हो जाते हैं। वैसे विवाह में देरी होने का एक कारण बच्चों का मांगलिक होना भी होता है। इनके विवाह के योग 27, 29, 31, 33, 35 व 37वें वर्ष में बनते...

तन्त्रोक्त माला प्रतिष्ठा विधि Tantrik mala Pujan

तन्त्रोक्त माला प्रतिष्ठा विधि Tantrik mala Pujan तन्त्रोक्त माला प्रतिष्ठा विधि मंत्र जप    अनुष्ठान-साधना-पूजा में जप माला की आवश्यकता होती है | बहुत कम ही ऐसी साधनाये है जिसमे माला का जरूरत न हो | माला बाजार से सीधे खरीदकर जप नहीं किया जा सकता, इस तरह की माला...

आर्थिक संकट से मुक्ति के लिए(Aarthik Sankat Nivaran Prayog)

आर्थिक संकट से मुक्ति के लिए “काली कंकाली केलि कलाभ्यां स्वाहा” दस हजार रोज जप एवं एक हजार हवन (सूखी मछली से। न मिले तो त्रिमधु मधु, चीनी व घी से) 21 दिन में अभीष्ट फल की प्राप्ति होती है। इस अनुष्ठान से आर्थिक समस्या का शीघ्र निवारण होता है। इस विधि से...