Vajrakilaya Mantra

Vajrakilaya Mantra

Vajrakila, also known as Vajra Kumara (meaning vajra youth), is also the activity aspect from the set of Eight Herukas of the Mahayoga Tantras.

Vajrakilaya mantra lyrics    

”Om Benza Kili Kilaya Sarva Bighanen Bam Hung Phat.”

 

Benefits of reciting this mantra

This is a potent practice for removing hindrances and obstacles.

It is said to have been found by Padmasambhava in a cave in Nepal and hidden as a term by the Lady Yeshe Tsogyal (“Wisdom Lake Queen”).

This mantra practice, you realize you are not some small ordinary sentient being, because there is a part of you which is an imposing presence of the intense power of inherent enlightened nature.1. Each single mantra recitation creates the actual Deity, also creates the Dakini
It is an offering to all the Buddhas and acts like creating an army to help all sentient beings.
2. The mantra is also an offering. This is an antidote to attachment and greed, as we give happily with faith and love. Natural phenomena arise through the power of such Bodhichitta.
3. The mantra is a source of blessings – as we think of the love for the deity our wisdom increases and our self-cherishing dissolves.
4. Compassion towards sentient beings increases and obscurations (our own and those of other sentient beings) decreases.
5. There is also the accomplishment of the deity – self-disappears and you will attain all the qualities of the deity, the siddhi accomplishment. The love for the deity is always in our mind and the appears instantly to us. This love extends to all sentient beings and this also marks the accomplishment of the deity.

 

Capricorn and Scorpio

Shiv Mantra List

Shiv Mantra List

Shiv Mantra List

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

ॐ नमः शिवाय॥

ॐ नमो भगवते रुद्राय

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् । सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि ॥

Sarvartha Siddhi Yoga Meaning

Sarvartha Siddhi Yoga, Sarvartha Siddhi Yoga Dates

Shani Samhita शनि संहिता

Ravan Samhita Vashikaran Mantra, ravana mantra

Ravan Samhita Vashikaran Mantra, ravana mantra

ravana samhitha रावण के द्वारा  रचित तांत्रिक मंत्र जो बहुत ही प्रभावशाली होने के साथ बहुत सरल भी है।

” ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवाणाय, धन धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा॥”

यह मंत्र ravana samhitha रावण ने स्‍वंय बनाया था और इसी मंत्र से रावण ravana mantra के पास सभी प्रकार की शक्तियां थी,इस मंत्र को विजयादशमी के दिन रावण दहन ravana samhitha के समय 108 बाद जाप किया जाए तो यह सिद्ध हो जाता है और ठीक रावण की भांति ही सभी सुखों को प्राप्‍त करने वाला बन जाता है  है। ऐसा रावण संहिता में लिखा है।

‘’ लां लां लां लंकाधिपतये लीं लीं लीं लंकेशं लूंलूंलूं लोह जिव्‍हां, शीघ्रं आगच्‍छ आगच्‍छ चद्रंहास खडेन मम शश्रुन विरदारय विदारय मारय मारय काटय काटय हूं फट स्‍वाहा’’

इस मंत्र को जितेन्द्रिय होकर बेल वृक्ष पर चढ़कर एक मास पर्यन्त प्रतिदिन एक हजार बार जपें। मंत्र जाप पूर्ण होने के बाद ब्राह्मणों और कुमारी कन्याओं को भोजन करवान चाहिए। ऐसा करने से धन की समस्‍या दूर होती है।

ॐ क्लीं ह्रीं ऐं ओं श्रीं महा यक्षिण्ये सर्वैश्वर्यप्रदात्र्यै नमः॥
इमिमन्त्रस्य च जप सहस्त्रस्य च सम्मितम्।
कुर्यात् बिल्वसमारुढो मासमात्रमतन्द्रितः॥

रावण ने अपनी सहिंता ravana samhitha में अनेक वनस्पति से भी मंत्र सिद्ध किए जाते है ऐसा उलेख मिलता है। आषाढ़ की पूर्णिमा के दिन शुभ मुहूर्त्त में बिल्वपत्र के नीचे बैठकर भगवान शिव की षोडशोपचार पूजा करनी चाहिए और श्रावण मास में प्रतिदिन कुबेर की पूजा करके निम्नलिखित कुबेर मंत्र का 108 बार मंत्र का जाप करना चाहिए।

” ॐ यक्षराज नमस्तुभ्यं शंकर प्रिय बांधव।
एकां मे वशगां नित्यं यक्षिणी कुरु ते नमः॥”

मंत्रों की एक अलग ही दुनिया होती है। मंत्र एक उर्जा है। मंत्रों के साथ तंत्रों का भी प्रयोग किया जाता है। जैसे रूद्राक्ष माला का प्रयोग यह एक तंत्र है। तो आईए जानते है मंत्रों के साथ तंत्रों का प्रयोग।

  • प्रात: काल स्नान करने के पश्चात किसी वट वृक्ष के नीचे किसी शांत स्थान पर चमड़े का आसन बिछाकर उस पर बैठना चाहिए और रूद्राक्ष की माला सेॐ ह्रीं श्रीं क्लीं नम: ध्व: ध्व: स्वाहा मंत्र का जाप करने से धन-प्राप्ति की इच्‍छा पूरी होती है और कभी धनाभाव नही होता है। इस क्रिया को 21 दिनों तक लगातार करना आवश्यक है।ravana mantra
  • सरस्वती ईश्वरी भगवती माता क्रां क्लीं, श्रीं श्रीं मम धनं देहि फट् स्वाहा।‘ इस मंत्र का जाप सवा माह तक एक ही स्‍थान पर एक ही समय करने से अनेक प्रकार से धन की आवक होने लगती है। ravana mantra
  • नमो विघ्नविनाशाय निधि दर्शन कुरु कुरु स्वाहा।‘ इस मंत्र की रचना भी रावण ही कि थी और इस मंत्र के प्रभाव से आपका खोया हुआ धन वापस लौट आता है। इस मंत्र का जाप सवा माह में 10,000 की संख्‍या में करना चाहिए। ravana mantra
  • ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्मी, महासरस्वती ममगृहे आगच्छ-आगच्छ ह्रीं नम:इस मंत्र का किसी भी शुभ अवसर जैसे अक्षय तृतीया, दीपावली, होली आदि की मध्यरात्रि में यह उपाय विशेष फलदायी रहता है। इस मंत्र को कुमकुम के द्वारा थाली पर लिखना चाहिए और जाप करना चाहिए इस मंत्र के जाप से धनाभाव की समस्‍या का नाश होता है। ravana mantra
  • ॐ नमो भगवती पद्म पदमावी ऊँ ह्रीं ऊँ ऊँ पूर्वाय दक्षिणाय उत्तराय आष पूरय सर्वजन वश्य कुरु कुरु स्वाहारावण सहिंता के अनुसार दीपावली की रात पूरे विधि-विधान से महालक्ष्मी की आराधना करनी चाहिए और विश्राम करना चाहिए। अगले दिन सुबह उठने के बाद और पलंग से उतरने से पहले आपको 108 बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए और दसों दिशाओं में दस-दस बार फूंक मारना चाहिए। ऐसा करने से चारों और से धनागमन होता है। ravana mantra

महाज्ञानी रावण ने रावण सहिंता ravana samhitha में पेड़-पौधों के साथ भी तांत्रिक प्रयोगों किए जाते इसका वर्णन किया है।

  • बिल्व यक्षिणी-ॐ क्ली ह्रीं ऐं ॐ श्रीं महायक्षिण्यै सर्वेश्वर्यप्रदात्र्यै ॐ नमः श्रीं क्लीं ऐ आं स्वाहा। इस यक्षिणी की साधना से ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। ravana mantra
  • निर्गुण्डी यक्षिणी-ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः। इस मंत्र से विद्या-लाभ होता है। ravana mantra
  • अर्क यक्षिणी-ॐ ऐं महायक्षिण्यै सर्वकार्यसाधनं कुरु कुरु स्वाहा। इस मंत्र जाप से सभी प्रकार के कार्य सम्‍पन होते है।
  • श्वेतगुंजा यक्षिणी- ॐ जगन्मात्रे नमः। इस मंत्र के जाप से शांति की प्राप्ति होती है।
  • तुलसी यक्षिणी-ॐ क्लीं क्लीं नमः। राजनिती के सुख के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • कुश यक्षिणी- ॐ वाड्मयायै नमः। वाकसिद्धि हेतु इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • पिप्पल यक्षिणी-  ॐ ऐं क्लीं मे धनं कुरु कुरु स्वाहा। पुत्रप्राप्ति प्रतिदिन इस मंत्र का जाप करना उचित रहता है।
  • उदुम्बर यक्षिणी –ॐ ह्रीं श्रीं शारदायै नमः। विद्या की प्राप्ति के निमित्त इस यक्षिणी की साधना करें।
  • अपामार्ग यक्षिणी – ॐ ह्रीं भारत्यै नमः।इस यक्षिणी की साधना करने से परम ज्ञान की प्राप्ति होती है।
  • धात्री यक्षिणी-  ऐं क्लीं नमः।इस मंत्र जाप करने से जीवन की सभी अशुभताओं का निवारण हो जाता है।
  • सहदेई यक्षिणी-  ॐ नमो भगवति सहदेई सदबलदायिनी सदेववत् कुरु कुरु स्वाहा।इस मंत्र जाप करने से धन-संपत्ति की प्राप्ति होती है, मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
  • बिजौरा नींबू या बिल्व पत्र को बकरी के दूध के साथ पीसकर अपने माथे पर तिलक लगाने से समाज में मान- सम्मान मिलता है।
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Hanuman Mantra 9 Times

Hanuman Mantra 9 Times

Hanuman Mantra 9 Times

HANUMAN MANTRA FOR JOB

Vayuputraa Kripa Sindho Pahimaam Karunaakaraa
Raama Bhaktaa Raama Dhuutaa Raksha Raksha Maha Prabho
Shatru Bhaya Vinaashamcha Sarva Mangala Prasaadinam
Buddhirbhalam Mano dhairyam Nirbhayatvam Dehi Maam

HANUMAN MANTRA FOR SUCCESS

Om Vayuputraaya Vidmahe Raama Daasaaya Dheemahi
Tanno Hanumaan Prachodayaat 

Hanuman Mantra 9 Times

HANUMAN MANTRA FOR MARRIAGE

Anjaneyam Ati Paatalaananam Kaanchanaadri Kamaneeya Vigraham
Parijaata Taru Moola Vaasinam Bhaavayaami Pavamaana Nandanam

HANUMAN MANTRA TO WIN COURT CASES

Aum Aeem Bhreem Hanumate Shree Ram Dootaaya Namaha

Hanuman Mantra – 2

हं पवन ननदनाय स्वाहा | Hang Pawan Nandnaay Swaahaa

Hanuman Mantra – 4

Recite this Hanuman Mantra 21000 times to eradicate diseases, evil spirits and other types of disturbances in life:-

ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा | Om Namo Bhagvate Aanjaneyaay Mahaabalaay Swaahaa

 Hanuman Gayatri Mantras,

Hanuman Mantra 9 Times

Om Aanjaneya Vidhmahe Maha balaya Dheemahe Thanno Hanuman Prachodayath. Om Aanjaneya Vidhmahe Vayu puthraya Dheemahe Thanno Hanuman Prachodayath .

Hanuman Dhyana Sloka

Panchasyachutamaneka vichitra veeryam || Sri shanka chakra ramaniya bhujagra desam || Peethambaram makara kundala noopurangam || Dhyayethitam kapivaram hruthi bhvayami ||

Hanuman Mantra 9 Times

Hanuman mantra for job

Navdurga Prasnawali Chakra

Navdurga Prasnawali Chakra

या देवी सर्वभूतेषु मातृरुपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

  1. धन लाभ होगा एवं मान-सम्मान भी मिलेगा।
  2. धन हानि अथवा अन्य प्रकार का अनिष्ट होने की आशंका है।
  3.  अभिन्न मित्र अथवा प्रिय से मिलन होगा, जिससे मन प्रफुल्लित होगा।
  4. कोई व्याधि अथवा रोग होने की आशंका है, अत: कार्य अभी टाल देना ही ठीक रहेगा।
  5.  जो भी कार्य आपने सोचा है, उसमें आपको सफलता मिलेगी, निश्चिंत रहें।
  6. कुछ दिन कार्य टाल दें। इसमें किसी से कलह अथवा कहासुनी हो सकती है, जिसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं।
  7.  आपका अच्छा समय शुरू हो गया है। शीघ्र ही सुंदर एवं स्वस्थ पुत्र होने के योग हैं। इसके अतिरिक्त आपकी अन्य मनोकामनाएं भी पूर्ण होंगी।
  8.  विचार पूरी तरह त्याग दें। इस कार्य में मृत्यु तुल्य कष्ट की आशंका है। यहां तक कि मृत्यु भय भी है।
  9.  समाज अथवा सरकार की दृष्टि में सम्मान बढ़ेगा। आपका सोचा हुआ कार्य अच्छा है।
  10. आपको अपेक्षित लाभ प्राप्त होगा, अत: कार्यारंभ कर सकते हैं।
  11. आप जिस कार्य के बारे में सोच रहे हैं, उसमें हानि की आशंका है।
  12.  आपकी मनोकामना पूर्ण होगी। पुत्र से भी आपको विशेष लाभ मिलेगा।
  13.  शनिदेव की उपासना करें, कार्य में आ रही बाधाएं दूर होंगी।
  14. आपका अच्छा समय शुरू हो गया है। चिंताएं मिटेंगी, सुख-संपत्ति प्राप्त होगी।
  15. आर्थिक तंगी के कारण ही आपके घर में सुख-शांति नहीं है। एक माह बाद स्थितियां बदलने लगेंगी, धैर्य एवं संयम रखें।
Navdurga Prasnawali Chakra

Hanuman Prashnavali Yantra

Hanuman Prashnavali Yantra

प्रयोग विधि
जिसे भी अपने प्रश्नों का उत्तर चाहिए वे स्नान आदि कर साफ वस्त्र धारण करे और पांच बार ऊँ रां रामाय नम:मंत्र का जप करने के बाद 11 बार ऊँ हनुमते नम:मंत्र का जप करे। इसके बाद आंखें बंद हनुमानजी का स्मरण करते हुए प्रश्नावली चक्र पर कर्सर घुमाते हुए रोक दें। जिस कोष्ठक(खाने) पर कर्सर रुके, उस कोष्ठक में लिखे अंक को देखकर अपने प्रश्न का उत्तर देखें। कोष्ठकों के अंकों के अनुसार फलादेश

1- आपका कार्य शीघ्र पूरा होगा।

2- आपके कार्य में समय लेगगा। मंगलवार का व्रत करें।

3- प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें तो कार्य शीघ्र पूरा होगा।

4- कार्य पूर्ण नहीं होगा।

5- कार्य शीघ्र होगा, किंतु अन्य व्यक्ति की सहायता लेनी पड़ेगी।

6- कोई व्यक्ति आपके कार्यों में रोड़े अटका रहा है, बजरंग बाण का पाठ करें।

7- आपके कार्य में किसी स्त्री की सहायता अपेक्षित है।

8- आपका कार्य नहीं होगा, कोई अन्य कार्य करें।

9- कार्यसिद्धि के लिए यात्रा करनी पड़ेगी।

10- मंगलवार का व्रत रखें और हनुमानजी को चोला चढ़ाएं, तो मनोकामना पूर्ण होगी।

11- आपकी मनोकामना शीघ्र पूरी होगी। सुंदरकांड का पाठ करें।

12- आपके शत्रु बहुत हैं। कार्य नहीं होने देंगे।

13- पीपल के वृक्ष की पूजा करें। एक माह बाद कार्य सिद्ध होगा।

14- आपको शीघ्र लाभ होने वाला है। मंगलवार को गाय को गुड़-चना खिलाएं।

15- शरीर स्वस्थ रहेगा, चिंताएं दूर होंगी।

16- परिवार में वृद्धि होगी। माता-पिता की सेवा करें और रामचरितमानस के बालकाण्ड का पाठ करें।

17- कुछ दिन चिंता रहेगी। ऊँ हनुमते नम: मंत्र की प्रतिदिन एक माला का जप करें।

18- हनुमानजी के पूजन एवं दर्शन से मनोकामना पूर्ण होगी।

19- आपको व्यवसाय द्वारा लाभ होगा। दक्षिण दिशा में व्यापारिक संबंध बढ़ाएं।

20- ऋण से छुटकारा, धन की प्राप्ति तथा सुख की उपलब्धि शीघ्र होने वाली है। हनुमान चालीसा का पाठ करें।

21- श्रीरामचंद्रजी की कृपा से धन मिलेगा। श्रीसीताराम के नाम की पांच माला रोज करें।

22- अभी कठिनाइयों का सामाना करना पड़ेगा पर अंत में विजय आपकी होगी।

23- आपके दिन ठीक नहीं है। रोजाना हनुमानजी का पूजन करें। मंगलवार को चोला चढ़ाएं। संकटों से मुक्ति मिलेगी।

24- आपके घर वाले ही विरोध में हैं। उन्हें अनुकूल बनाने के लिए पूर्णिमा का व्रत करें।

25- आपको शीघ्र शुभ समाचार मिलेगा।

26- हर काम सोच-समझकर करें।

27- स्त्री पक्ष से आपको लाभ होगा। दुर्गासप्तशती का पाठ करें।

28- अभी कुछ महीनों तक परेशानी है।

29- अभी आपके कार्य की सिद्धि में विलंब है।

30- आपके मित्र ही आपको धोखा देंगे। सोमवार का व्रत करें।

31- संतान का सुख प्राप्त होगा। शिव की आराधना करें व शिवमहिम्नस्तोत्र का पाठ करें।

32- आपके दुश्मन आपको परेशान कर रहे हैं। रोज पार्थिव शिवलिंग का पूजन कर शिव ताण्डवस्तोत्र का पाठ करें। सोमवार को ब्राह्मण को भोजन कराएं।

33- कोई स्त्री आपको धोखा देना चाहती है, सावधान रहें।

34- आपके भाई-बंधु विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को व्रत रखें।

35- नौकरी से आपको लाभ होगा। पदोन्नति संभव है, पूर्णिमा को व्रत रख कथा कराएं।

36- आपके लिए यात्रा शुभदायक रहेगी। आपके अच्छे दिन आ गए हैं।

37- पुत्र आपकी चिंता का कारण बनेगा। रोज राम नाम की पांच माला का जप करें।

38- आपको अभी कुछ दिन और परेशानी रहेगी। यथाशक्ति दान-पुण्य और कीर्तन करें।

39- आपको राजकार्य और मुकद्मे में सफलता मिलेगी। श्रीसीताराम का पूजन करने से लाभ मिलेगा।

40- अतिशीघ्र आपको यश प्राप्त होगा। हनुमानजी की उपासना करें और रामनाम का जप करें।

41- आपकी मनोकामना पूर्ण होगी।

42- समय अभी अच्छा नहीं है।

43- आपको आर्थिक कष्ट का सामना करना पड़ेगा।

44- आपको धन की प्राप्ति होगी।

45- दाम्पत्य सुख मिलेगा।

46- संतान सुख की प्राप्ति होने वाली है।

47- अभी दुर्भाग्य समाप्त नहीं हुआ है। विदेश यात्रा से अवश्य लाभ होगा।

48- आपका अच्छा समय आने वाला है। सामाजिक और व्यवसायिक क्षेत्र में लाभ मिलेगा।

49- आपका समय बहुत अच्छा आ रहा है। आपकी प्रत्येक मनोकामना पूर्ण होगी।

Uchchhishta Ganapati Sadhna, Uchchhishta Ganapati Diksha