मस्तक पीड़ा हरण मंत्र
ॐ नम: आज्ञा गुरु की, केश में कपाल,
कपाल में भेजा, बजै भेजी में कीड़ा-करै न पीड़ा कंचन की छेनी,
रूपे का हथौड़ा पिता ईश्वर ने, इनको थापे श्री महादेव, तोड़े शब्द साँचा, फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।
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मस्तक पीड़ा हरण मंत्र
ॐ नम: आज्ञा गुरु की, केश में कपाल,
कपाल में भेजा, बजै भेजी में कीड़ा-करै न पीड़ा कंचन की छेनी,
रूपे का हथौड़ा पिता ईश्वर ने, इनको थापे श्री महादेव, तोड़े शब्द साँचा, फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।
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