Govinda Namaavali

Govinda Namaavali

गोविंदा नामावली
श्रीनिवासा गोविन्दा श्री वेङ्कटेशा गोविन्दा
भक्त वत्सल गोविन्दा भागवता प्रिय गोविन्दा
नित्य निर्मल गोविन्दा नीलमेघ श्याम गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

पुराण पुरुषा गोविन्दा पुण्डरीकाक्ष गोविन्दा
नन्द नन्दना गोविन्दा नवनीत चोरा गोविन्दा
पशुपालक श्री गोविन्दा पाप विमोचन गोविन्दा
दुष्ट संहार गोविन्दा दुरित निवारण गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

शिष्ट परिपालक गोविन्दा कष्ट निवारण गोविन्दा
वज्र मकुटधर गोविन्दा वराह मूर्ती गोविन्दा
गोपीजन लोल गोविन्दा गोवर्धनोद्धार गोविन्दा
दशरध नन्दन गोविन्दा दशमुख मर्धन गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

पक्षि वाहना गोविन्दा पाण्डव प्रिय गोविन्दा
मत्स्य कूर्म गोविन्दा मधु सूधना हरि गोविन्दा
वराह न्रुसिंह गोविन्दा वामन भृगुराम गोविन्दा
बलरामानुज गोविन्दा बौद्ध कल्किधर गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

वेणु गान प्रिय गोविन्दा वेङ्कट रमणा गोविन्दा
सीता नायक गोविन्दा श्रितपरिपालक गोविन्दा
दरिद्रजन पोषक गोविन्दा धर्म संस्थापक गोविन्दा
अनाथ रक्षक गोविन्दा आपध्भान्दव गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

शरणागतवत्सल गोविन्दा करुणा सागर गोविन्दा
कमल दलाक्षा गोविन्दा कामित फलदात गोविन्दा
पाप विनाशक गोविन्दा पाहि मुरारे गोविन्दा
श्रीमुद्राङ्कित गोविन्दा श्रीवत्साङ्कित गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

धरणी नायक गोविन्दा दिनकर तेजा गोविन्दा
पद्मावती प्रिय गोविन्दा प्रसन्न मूर्ते गोविन्दा
अभय हस्त गोविन्दा अक्षय वरदा गोविन्दा
शङ्ख चक्रधर गोविन्दा सारङ्ग गदाधर गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

विराज तीर्थ गोविन्दा विरोधि मर्धन गोविन्दा
सालग्राम हर गोविन्दा सहस्र नाम गोविन्दा
लक्ष्मी वल्लभ गोविन्दा लक्ष्मणाग्रज गोविन्दा
कस्तूरि तिलक गोविन्दा काञ्चनाम्बरधर गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

गरुड वाहना गोविन्दा गजराज रक्षक गोविन्दा
वानर सेवित गोविन्दा वारथि बन्धन गोविन्दा
एडु कोण्डल वाडा गोविन्दा एकत्व रूपा गोविन्दा
राम क्रिष्णा गोविन्दा रघुकुल नन्दन गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

प्रत्यक्ष देव गोविन्दा परम दयाकर गोविन्दा
वज्र मकुटदर गोविन्दा वैजयन्ति माल गोविन्दा
वड्डी कासुल वाडा गोविन्दा वासुदेव तनया गोविन्दा
बिल्वपत्रार्चित गोविन्दा भिक्षुक संस्तुत गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

स्त्री पुं रूपा गोविन्दा शिवकेशव मूर्ति गोविन्दा
ब्रह्मानन्द रूपा गोविन्दा भक्त तारका गोविन्दा
नित्य कल्याण गोविन्दा नीरज नाभा गोविन्दा
हति राम प्रिय गोविन्दा हरि सर्वोत्तम गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

जनार्धन मूर्ति गोविन्दा जगत् साक्षि रूपा गोविन्दा
अभिषेक प्रिय गोविन्दा अभन्निरासाद गोविन्दा
नित्य शुभात गोविन्दा निखिल लोकेशा गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

आनन्द रूपा गोविन्दा अध्यन्त रहित गोविन्दा
इहपर दायक गोविन्दा इपराज रक्षक गोविन्दा
पद्म दलक्ष गोविन्दा पद्मनाभा गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

तिरुमल निवासा गोविन्दा तुलसी वनमाल गोविन्दा
शेष सायि गोविन्दा शेषाद्रि निलय गोविन्दा
श्री श्रीनिवासा गोविन्दा श्री वेङ्कटेशा गोविन्दा
गोविन्दा हरि गोविन्दा गोकुल नन्दन गोविन्दा

Madhumati Yogini Sadhana in Hindi

Shakumbhari Devi Chalisa

Shakumbhari Devi Chalisa

दोहा
दाहिने भीमा ब्रामरी अपनी छवि दिखाए।
बाईं ओर सतची नेत्रों को चैन दीवलए।
भूर देव महारानी के सेवक पहरेदार।
मां शकुंभारी देवी की जाग मई जे जे कार।।
चौपाई
जे जे श्री शकुंभारी माता। हर कोई तुमको सिष नवता।।
गणपति सदा पास मई रहते। विघन ओर बढ़ा हर लेते।।
हनुमान पास बलसाली। अगया टुंरी कभी ना ताली।।
मुनि वियास ने कही कहानी। देवी भागवत कथा बखनी।।
छवि आपकी बड़ी निराली। बढ़ा अपने पर ले डाली।।
अखियो मई आ जाता पानी। एसी किरपा करी भवानी।।
रुरू डेतिए ने धीयां लगाया। वार मई सुंदर पुत्रा था पाया।।
दुर्गम नाम पड़ा था उसका। अच्छा कर्म नहीं था जिसका।।
बचपन से था वो अभिमानी। करता रहता था मनमानी।।
योवां की जब पाई अवस्था। सारी तोड़ी धर्म वेवस्था।।
सोचा एक दिन वेद छुपा लूं। हर ब्रममद को दास बना लूं।।
देवी-देवता घबरागे। मेरी सरण मई ही आएगे।।
विष्णु शिव को छोड़ा उसने। ब्रह्माजी को धीयया उसने।।
भोजन छोड़ा फल ना खाया। वायु पीकेर आनंद पाया।।
जब ब्रहाम्मा का दर्शन पाया। संत भाव हो वचन सुनाया।।
चारो वेद भक्ति मई चाहू। महिमा मई जिनकी फेलौ।।
ब्ड ब्रहाम्मा वार दे डाला। चारों वेद को उसने संभाला।।
पाई उसने अमर निसनी। हुआ प्रसन्न पाकर अभिमानी।।
जैसे ही वार पाकर आया। अपना असली रूप दिखाया।।
धर्म धूवजा को लगा मिटाने। अपनी शक्ति लगा बड़ाने।।
बिना वेद ऋषि मुनि थे डोले। पृथ्वी खाने लगी हिचकोले।।
अंबार ने बरसाए शोले। सब त्राहि-त्राहि थे बोले।।
सागर नदी का सूखा पानी। कला दल-दल कहे कहानी।।
पत्ते बी झड़कर गिरते थे। पासु ओर पाक्सी मरते थे।।
सूरज पतन जलती जाए। पीने का जल कोई ना पाए।।
चंदा ने सीतलता छोड़ी। समाए ने भी मर्यादा तोड़ी।।
सभी डिसाए थे मतियाली। बिखर गई पूज की तली।।
बिना वेद सब ब्रहाम्मद रोए। दुर्बल निर्धन दुख मई खोए।।
बिना ग्रंथ के कैसे पूजन। तड़प रहा था सबका ही मान।।
दुखी देवता धीयां लगाया। विनती सुन प्रगती महामाया।।
मा ने अधभूत दर्श दिखाया। सब नेत्रों से जल बरसाया।।
हर अंग से झरना बहाया। सतची सूभ नाम धराया।।
एक हाथ मई अन्न भरा था। फल भी दूजे हाथ धारा था।।
तीसरे हाथ मई तीर धार लिया। चोथे हाथ मई धनुष कर लिया।।
दुर्गम रक्चाश को फिर मारा। इस भूमि का भार उतरा।।
नदियों को कर दिया समंदर। लगे फूल-फल बाग के अंदर।।
हारे-भरे खेत लहराई। वेद ससत्रा सारे लोटाय।।
मंदिरो मई गूंजी सांख वाडी। हर्षित हुए मुनि जान पड़ी।।
अन्न-धन साक को देने वाली। सकंभारी देवी बलसाली।।
नो दिन खड़ी रही महारानी। सहारनपुर जंगल मई निसनी।।

श्री दुर्गा चालीसा

श्री दुर्गा चालीसा

॥चौपाई॥
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥
निराकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥
शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥
रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावे॥
तुम संसार शक्ति लय कीना। पालन हेतु अन्न धन दीना॥
अन्नपूर्णा हुई जग पाला। तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥
प्रलयकाल सब नाशन हारी। तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥
शिव योगी तुम्हरे गुण गावें। ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥
रूप सरस्वती को तुम धारा। दे सुबुद्धि ऋषि-मुनिन उबारा॥
धरा रूप नरसिंह को अम्बा। प्रगट भईं फाड़कर खम्बा॥
रक्षा कर प्रह्लाद बचायो। हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥
लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं। श्री नारायण अंग समाहीं॥
क्षीरसिन्धु में करत विलासा। दयासिन्धु दीजै मन आसा॥
हिंगलाज में तुम्हीं भवानी। महिमा अमित न जात बखानी॥
मातंगी अरु धूमावति माता। भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥
श्री भैरव तारा जग तारिणी। छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥
केहरि वाहन सोह भवानी। लांगुर वीर चलत अगवानी॥
कर में खप्पर-खड्ग विराजै। जाको देख काल डर भाजे॥
सोहै अस्त्र और त्रिशूला। जाते उठत शत्रु हिय शूला॥
नगर कोटि में तुम्हीं विराजत। तिहुंलोक में डंका बाजत॥
शुम्भ निशुम्भ दानव तुम मारे। रक्तबीज शंखन संहारे॥
महिषासुर नृप अति अभिमानी। जेहि अघ भार मही अकुलानी॥
रूप कराल कालिका धारा। सेन सहित तुम तिहि संहारा॥
परी गाढ़ सन्तन पर जब-जब। भई सहाय मातु तुम तब तब॥
अमरपुरी अरु बासव लोका। तब महिमा सब रहें अशोका॥
ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी। तुम्हें सदा पूजें नर-नारी॥
प्रेम भक्ति से जो यश गावै। दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें॥
ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई। जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई॥
जोगी सुर मुनि कहत पुकारी। योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥
शंकर आचारज तप कीनो। काम अरु क्रोध जीति सब लीनो॥
निशिदिन ध्यान धरो शंकर को। काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥
शक्ति रूप को मरम न पायो। शक्ति गई तब मन पछितायो॥
शरणागत हुई कीर्ति बखानी। जय जय जय जगदम्ब भवानी॥
भई प्रसन्न आदि जगदम्बा। दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥
मोको मातु कष्ट अति घेरो। तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥
आशा तृष्णा निपट सतावे। मोह मदादिक सब विनशावै॥
शत्रु नाश कीजै महारानी। सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी॥
करो कृपा हे मातु दयाला। ऋद्धि-सिद्धि दे करहु निहाला॥
जब लगि जियउं दया फल पाऊं। तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं॥
दुर्गा चालीसा जो नित गावै। सब सुख भोग परमपद पावै॥
देवीदास शरण निज जानी। करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥

नपुंसकता को दूर करने के उपाय

Shri Ganesh Chalisa

Shri Ganesh Chalisa

॥Doha॥
Jaya Ganapati Sadhguna Sadana, Kavi Vara Badana Kripaala।
Vighna Harana Mangala Karana, Jaya Jaya Girijaa Laala॥
॥Chaupai॥
Jaya Jaya Ganapati Gan Raaju। Mangala Bharana Karana Shubha Kaaju॥
Jaya Gajabadana Sadana Sukhadaataa। Vishva Vinaayaka Buddhi Vidhaata॥
Vakra Tunda Shuchi Shunda Suhaavana। Tilaka Tripunda Bhaala Mana Bhaavana॥
Raajata Mani Muktana Ura Maala। Svarna Mukuta Shira Nayana Vishaala॥
Pustaka Paani Kuthaara Trishoolam। Modaka Bhoga Sugandhita Phoolam॥
Sundara Pitaambara Tana Saajita। Charana Paaduka Muni Mana Raajita॥
Dhani Shiva Suvana Shadaanana Bhraata। Gauri Lalana Vishva-Vidhaata॥
Riddhi Siddhi Tava Chanvara Sudhaare। Mushaka Vaahana Sohata Dvaare॥
Kahaun Janma Shubha Kathaa Tumhaari। Ati Shuchi Paavana Mangala Kaari॥
Eka Samaya Giriraaj Kumaari। Putra Hetu Tapa Kinha Bhaari॥
Bhayo Yagya Jaba Poorna Anoopa। Taba Pahunchyo Tuma Dhari Dvija Roopa॥
Atithi Jaani Kai Gauri Sukhaari। Bahuvidhi Sevaa Kari Tumhaari॥
Ati Prasanna Hvai Tuma Vara Dinha। Maatu Putra Hita Jo Tapa Kinha॥
Milahi Putra Tuhi Buddhi Vishaala। Binaa Garbha Dhaarana Yahi Kaala॥
Gananaayaka, Guna Gyaana Nidhaana। Poojita Prathama Roopa Bhagavana॥
Asa Kahi Antardhyaana Roopa Hvai। Palana Para Baalaka Svaroopa Hvai॥
Bani Shishu Rudana Jabahi Tuma Thaana। Lakhi Mukha Sukha Nahin Gauri Samaan॥
Sakala Magana, Sukha Mangala Gaavahin। Nabha Te Surana Sumana Varshaavahin॥
Shambhu Uma, Bahu Dana Lutavahin। Sura Munijana, Suta Dekhana Aavahin॥
Lakhi Ati Aananda Mangala Saaja। Dekhana Bhi Aaye Shani Raaja॥
Nija Avaguna Guni Shani Mana Maahin। Baalaka, Dekhan Chaahata Naahin॥
Giraja Kachhu Mana Bheda Badhaayo। Utsava Mora Na Shani Tuhi Bhaayo॥
Kahana Lage Shani, Mana Sakuchaai। Kaa Karihau, Shishu Mohi Dikhaai॥
Nahin Vishvaasa, Uma Ur Bhayau, Shani So Baalaka Dekhana Kahyau। ॥
Padatahin, Shani Driga Kona Prakaasha। Baalaka Shira Udi Gayo Aakaasha॥
Giraja Girin Vikala Hvai Dharani। So Dukha Dasha Gayo Nahin Varani॥
Haahaakaara Machyo Kailaasha। Shani Kinhyon Lakhi Suta Ka Naasha॥
Turata Garuda Chadhi Vishnu Sidhaaye। Kaati Chakra So Gaja Shira Laaye॥
Baalaka Ke Dhada Upara Dhaarayo। Praana, Mantra Padha Shankara Darayo॥
Naama ‘Ganesha’ Shambhu Taba Kinhe। Prathama Poojya Buddhi Nidhi, Vara Dinhe॥
Buddhi Pariksha Jaba Shiva Kinha। Prithvi Kar Pradakshina Linha॥
Chale Shadaanana, Bharami Bhulaii। Rachi Baitha Tuma Buddhi Upaai॥
Charana Maatu-Pitu Ke Dhara Linhen। Tinake Saata Pradakshina Kinhen॥
Dhani Ganesha, Kahi Shiva Hiya Harashe। Nabha Te Surana Sumana Bahu Barase॥॥
Tumhari Mahima Buddhi Badaye। Shesha Sahasa Mukha Sakai Na Gaai॥
Mein Mati Hina Malina Dukhaari। Karahun Kauna Vidhi Vinaya Tumhaari॥
Bhajata ‘Raamasundara’ Prabhudaasa। Lakha Prayaga, Kakara, Durvasa॥
Aba Prabhu Daya Dina Para Kijai। Apani Bhakti Shakti Kuchhu Dijai॥
॥Doha॥
Shri Ganesh Yah Chalisa, Path Karai Dhari Dhyan।
Nit Nav Mangal Gruha Bashe, Lahi Jagat Sanman॥
Sambandh Apne Sahstra Dash, Rushi Panchami Dinesh।
Puran Chalisa Bhayo, Mangal Murti Ganesha॥

 

Chandra Mangala Yoga

Shri Bajrang Baan

Shri Bajrang Baan

॥Doha॥

Nishchaya Prema Pratiti Te, Binaya Karai Sanamana।
Tehi Ke Karaja Sakala Shubha, Siddha Karai Hanuman॥

॥Chaupai॥

Jaya Hanumanta Santa Hitakari। Suni Lijai Prabhu Araja Hamari॥
Jan Ke Kaja Vilamba Na Kijai। Atura Dauri Maha Sukha Dijai॥
Jaise Kudi Sindhu Wahi Para। Surasa Badana Paithi Bistara॥
Age Jaya Lankini Roka। Marehu Lata Gai Sura Loka॥
Jaya Vibhishana Ko Sukha Dinha। Sita Nirakhi Parama Pada Linha॥
Baga Ujari Sindhu Maham Bora। Ati Atura Yama Katara Tora॥
Akshaya Kumara Mari Sanhara। Luma Lapeti Lanka Ko Jara॥
Laha Samana Lanka Jari Gai। Jaya Jaya Dhuni Sura Pura Maham Bhai॥
Aba Vilamba Kehi Karana Swami। Kripa Karahun Ura Antaryami॥
Jaya Jaya Lakshmana Prana Ke Data। Atura Hoi Dukha Karahun Nipata॥
Jai Giridhara Jai Jai Sukha Sagara। Sura Samuha Samaratha Bhatanagara॥
Om Hanu Hanu Hanu Hanu Hanumanta Hathile। Bairihin Maru Bajra Ki Kile॥
Gada Bajra Lai Bairihin Maro। Maharaja Prabhu Dasa Ubaro॥
Omkara Hunkara Mahaprabhu Dhavo। Bajra Gada Hanu Vilamba Na Lavo॥
Om Hrim Hrim Hrim Hanumanta Kapisa। Om Hum Hum Hum Hanu Ari Ura Shisha॥
Satya Hou Hari Shapatha Payake। Ramaduta Dharu Maru Dhaya Ke॥
Jaya Jaya Jaya Hanumanta Agadha। Dukha Pavata Jana Kehi Aparadha॥
Puja Japa Tapa Nema Achara। Nahin Janata Kachhu Dasa Tumhara॥
Vana Upavana Maga Giri Griha Mahin। Tumare Bala Hama Darapata Nahin॥
Paya Paraun Kara Jori Manavon। Yaha Avasara Aba Kehi Goharavon॥
Jaya Anjani Kumara Balavanta। Shankara Suvana Dhira Hanumanta॥
Badana Karala Kala Kula Ghalaka। Rama Sahaya Sada Pratipalaka॥
Bhuta Preta Pishacha Nishachara। Agni Baitala Kala Marimara॥
Inhen Maru Tohi Shapatha Rama Ki। Rakhu Natha Marajada Nama Ki॥
Janakasuta Hari Dasa Kahavo। Taki Shapatha Vilamba Na Lavo॥
Jai Jai Jai Dhuni Hota Akasha। Sumirata Hota Dusaha Dukha Nasha॥
Charana Sharana Kari Jori Manavon। Yahi Avasara Aba Kehi Goharavon॥
Uthu Uthu Chalu Tohin Rama Duhai। Panya Paraun Kara Jori Manai॥
Om Chan Chan Chan Chan Chapala Chalanta। Om Hanu Hanu Hanu Hanu Hanumanta॥
Om Han Han Hanka Deta Kapi Chanchala। Om San San Sahama Parane Khala Dala॥
Apane Jana Ko Turata Ubaro। Sumirata Hoya Ananda Hamaro॥
Yahi Bajrang Baan Jehi Maro। Tahi Kaho Phira Kauna Ubaro॥
Patha Karai Bajrang Baan Ki। Hanumata Raksha Karai Prana Ki॥
Yaha Bajrang Baan Jo Japai। Tehi Te Bhuta Preta Saba Kampe॥
Dhupa Deya Aru Japai Hamesha। Take Tana Nahin Rahe Kalesha॥

॥Doha॥

Prema Pratitin Kapi Bhajai, Sada Dharai Ura Dhyana।
Tehi Ke Karaja Sakala Shubha, Siddha Karai Hanuman॥

Shri Hanuman Chalisa

Shri Hanuman Chalisa

॥Doha॥
Shri Guru Charan Saroj Raj, Nij manu Mukuru Sudhaari।
Barnau Raghubar Bimal Jasu, Jo Daayeku Phal Chaari॥
Buddhiheen Tanu Jaanike, Sumirau Pavan-Kumaar।
Bal Buddhi Bidya Dehu Mohi, Harahu Kales Bikaar॥
॥Chaupai॥
Jai Hanuman Gyaan Gun Sagar। Jai Kapis Teehun Lok Ujagar॥
Ram Doot Atulit Bal Dhama। Anjani-Putra Pavansut Nama॥
Mahabir Bikram Bajrangi। Kumati Nivaar Sumati Ke Sangi॥
Kanchan Baran Biraaj Subesa। Kaanan Kundal Kunchit Kesa॥
Haath Bajra Aau Dhwaja Biraaje। Kaandhe Moonj Janeu Saaje॥
Sankar Suvan Kesarinandan। Tej Prataap Maha Jag Bandan॥
Bidyabaan Guni Ati Chaatur। Ram Kaaj Karibe Ko Aatur॥
Prabhu Charitra Sunibe Ko Rasiya। Ram Lakhan Sita Man Basiya॥
Sukshma Roop Dhari Siyahin Dikhawa। Bikat Roop Dhari Lanka Jarawa॥
Bheem Roop Dhari Asur Sanhaare। Ramchandra Ke Kaaj Sanwaare॥
Laaye Sajivan Lakhan Jiyaaye। Shri Raghubeer Harashi Ur Laaye॥
Raghupati Keenhi Bahut Badai। Tum Mum Priy Bharat Hi Sam Bhai॥
Sahas Badan Tumhro Jas Gaavein। As Kahi Shripati Kanth Lagavein॥
Sankadik Bramhadi Munisa। Narad Sarad Sahit Ahisa॥
Jam Kuber Digpaal Jahan Te। Kabi Kobid Kahi Sake Kahaan Te॥
Tum Upkaar Sugreevhin Kinha। Ram Milaaye Raajpad Dinha॥
Tumhro Mantra Vibhishan Maana। Lankeswar Bhaye Sab Jag Jana॥
Jug Sahastra Jojan Par Bhaanu। Lilyo Taahi Madhur Phal Jaanu॥
Prabhu Mudrika Meli Mukh Maahi। Jaldhi Laanghi Gaye Achraj Naahi॥
Durgam Kaaj Jagat Ke Jete। Sugam Anugraha Tumhre Tete॥
Ram Dooare Tum Rakhwaare। Hoat Na Aagya Binu Paisare॥
Sab Sukh Lahai Tumhari Sarna। Tum Rakhshak Kaahu Ko Darna॥
Aapan Tej Samharo Aapai। Teeno Lok Haank Te Kaanpen॥
Bhoot Pisaach Nikat Nahi Aave। Mahabir Jab Naam Sunave॥
Naasai Rog Harai Sab Peera। Japat Nirantar Hanumat Beera॥
Sankat Te Hanuman Chhoodave। Man Krama Bachan Dhyaan Jo Laave॥
Sab Par Raam Tapasvi Raja। Tin Ke Kaaj Sakal Tum Saaja॥
Aur Manorath Jo Koi Laave। Soi Amit Jivan Phal Paave॥
Chaaro Jug Partaap Tumhara। Hai Parsiddh Jagat Ujiyara॥
Saadhu Sant Ke Tum Rakhwaare। Asur Nikandan Ram Dulaare॥
Asht Siddhi Nau Nidhi Ke Daata। As bar Deen Janki Maata॥
Ram Rasayan Tumhre Paasa। Sada Raho Raghupati Ke Daasa॥
Tumhre Bhajan Ram Ko Paave। Janam Janam Ke Dukh Bisraave॥
Antakaal Raghubar Pur Jaayee। Jahan Janam Hari-Bhakt Kahayee॥
Aur Devta Chitt Na Dharayi। Hanumat Sei Sarb Sukh Karayi॥
Sankat Kate Mite Sab Peera। Jo Sumirai Hanumat Balbira॥
Jai Jai Jai Hanuman Gosaai। Kripa Karahun Gurudev Ki Naai॥
Jo Sat Baar Paath Kar Koi। Chhootahin Bandi Maha sukh Hoyi॥
Jo Yeh Padhe Hanuman Chalisa। Hoye Siddhi Saakhi Gaurisa॥
Tulsidas Sada Harichera। Kije Naath Hridaya Mahn Dera॥
॥Doha॥
Pavantanaye Sankat Haran, Mangal Moorti Roop।
Ram Lakhan Sita Sahit Hridaya Basahu Soor Bhoop॥