बैरी विनाशक मन्त्र

Hanuman mantra 

“ॐ नमो हनुमंत बलवंत माता


अंजनी पुत्र हल हलंत चढ़त आओ गढ़ किल्ला तोरंत आओ लंका जाल बाल भस्मकरि आओ ले लागूँ लंगूर ते लपटाय सुमिरते पटका ओ चन्दी चन्द्रावली भवानी मिल गावे मंगल चार जीते राम लक्ष्मण हनुमान जी आओ जी तुम आओ सात पान का बीङा चाबत मस्तक सिन्दूर चढ़ाओ आओ मंदोदरी के सिंहासन डुलंता आओ यहाँ आओ हनुमान माया जागते नृसिंह माया आगे मैरु किल्किलाय ऊपर हनुमंत गाजे दुर्जन को डार दुष्ट को मार संहार राजा हमारे सत गुरु हम सत्तगुरु के बालक मेरी भक्ति गुरु का शक्ति फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।।”

सिध्द करने की विधि–   मंगलवार के दिन सात लड्‌डू और सात पान का बीड़ा लेकर हनुमान मन्दिर में जाकर दस हजार बार मन्त्र जाप कर लड्‌डू तथा पान का बीड़ा अर्पित करें। इसी प्रकार निरन्तर इकतालिस दिन तक इस मन्त्र का जाप करें और जाप कग समाप्ति पर धूप दीप नैवेद्यादि से हनुमान जी का पूजन करें, सिंदूर लगावें तो यह मन्त्र सिध्द होता है। और जब प्रयोग करना हो तो जमीन पर शत्रु की शक्ल का पुतला बना कर जूते लगावें तो शत्रु के शीश में चोट आयेगी, बुध्दि भ्रष्ट हो जायेगी और पागल होकर छह दिनों में मृत्यु को प्राप्त होगा।

विशेष–  भूमि पर शत्रु की मूर्ति बनाकर मोम की चार कीलें मन्त्र पढ़ मूर्ति के चारों कोनों में गाड़ दें तथा हनपमान जी की पूजा करके बीज मन्त्र पूर्व की ओर मुख करके लिखें और खीर का भोग लगावें।