Rahu Grah Shanti Upaye

Rahu Grah Shanti Upaye

राहु ग्रह शांति के उपाय

अपने पास सफेद चन्दन अवश्य रखना चाहिए। सफेद चन्दन की माला भी धारण की जा सकती है। प्रतिदिन सुबह चन्दन का टीका भी लगाना चाहिए। अगर हो सके तो नहाने के पानी में चन्दन का इत्र डाल कर नहाएं।

राहु की शांति के लिए श्रावण मास में रुद्राष्टाध्यायी का पाठ करना सर्वोत्तम है।

शनिवार को कोयला, तिल, नारियल, कच्चा दूध, हरी घास, जौ, तांबा बहती नदी में प्रवाहित करें।

बहते पानी में शीशा अथवा नारियल प्रवाहित करें।

नारियल में छेद करके उसके अन्दर ताम्बे का पैसा डालकर नदी में बहा दें।

बहते पानी में तांबे के 43 टुकड़े प्रवाहित करें।

नदी में लकड़ी का कोयला प्रवाहित करें।

नदी में पैसा प्रवाहित करें।

एक नारियल + 11 बादाम (साबुत) काले वस्त्र मेंबांधकर जल में प्रवाहित करें।

हर बुधवार को चार सौ ग्राम धनियां पानी में
बहाएं।

कुष्ठ रोगी को मूली का दान दें।

काले कुत्ते को मीठी रोटियां खिलाएं।

मोर व सर्प में शत्रुता है अर्थात सर्प, शनि तथा राहू के संयोग से बनता है। यदि मोर का पंख घर के पूर्वी और उत्तर पश्चिम दीवार में या अपनी जेब व डायरी में रखा हो तो राहू का दोष कभी भी नहीं परेशान करता है, मोरपंख की पूजा करें या हो सके तो उसे हमेशा अपने पास रखें।

रात को सोते समय अपने सिरहाने में जौ रखें जिसे सुबह पंक्षियों को दें।

सरसों तथा नीलम का दान किसी भंगी या कुष्ठ रोगी को दें।

राहु ग्रह से पीडि़तव्यक्ति को रोजाना कबूतरों को बाजरे में काले तिल मिलाकर खिलाना चाहिए।

गिलहरी को दाना डालें।

दो रंग के फूलों को घर में लगाएं और गणेश जी को अर्पित भी करें।

कुष्ठ रोगियों को दो रंग वाली वस्तुओं का दान करें।

हर मंगलवार या शनिवार को चीटियों को मीठा खिलाएं।

अगर राहू आपकी कुंडली में 12 वे घर में बैठा है तो भोजन रसोई घर में करें।

अष्टधातु का कड़ा दाहिने हाथ में धारण करना चाहिए।

जमादार को तम्बाकू का दान करना चाहिए।

अपने पास ठोस चाँदी से बना वर्गाकार टुकड़ा रखें।

श्री काल हस्ती मंदिर की यात्रा।

चाय की कम से कम 200 ग्राम पत्ती 18 बुधवार दान करने से रोग कारक अनिष्टकारी राहु स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।

नेत्रेत्य कोण में पीले फूल लगायें।

अपने घर के वायु कोण (उत्तर-पश्चिम) में एक लाल झंडा लगाएं।

यदि क्षय रोग से पीडि़त हों तो गोमूत्र से जौ को धो कर एक बोतल में रखें तथा गोमूत्र के साथ
उस जौ से अपने दाँत साफ करें।

शनिवार के दिन अपना उपयोग किया हुआ कंबल किसी गरीब को दान करें।

अमावस्या को पीपल पर रात में 12 बजे दीपक जलाएं।

शिवजी पर जल, धतुरा के बीज, चढ़ाएं और सोमवार
का व्रत करें।

यदि राहु चंद्रमा के साथ हो तो पूर्णिमा के दिन नदी की धारा में नारियल, दूध, जौ, लकड़ी का कोयला, हरी दूब, यव, तांबा, काला तिल प्रवाहित करें।

यदि राहु सूर्य के साथ हो तो सूर्य ग्रहण के समय कोयला और सरसों नदी की धारा में प्रवाहित करना चाहिए।

अगर आपकी कुंडली में भी राहु और शनि एक साथ बैठे है तो यह उपाय करे। हर रोज मजदूरों को तम्बाकु की पुडिया दान दे। ऐसा 43 दिन करे आपको कभी यह योग बुरा फल नहीं देगा।

यदि राहु सूर्य के साथ हो तो जौ को दूध या गौ मूत्र से धोकर बहते पानी में बहायें।

शुक्र राहु की युति होने पर दूध एवं हरे नारियल का दान करें ।

41 दिन तक 1 रूपया प्रतिदिन भंगी को दे

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