by Gaurav Arya | Nov 30, 2016 | Pujan
Worship of Lord GANESHA In Hinduism every religious and auspicious function begins with worship of Lord GANESHA, HE also known VIGHANHARTA (the obstacle remover) remove all obstacle that comfort devotees .devotees should pray or offering some sweets or fruits (called...
by Gaurav Arya | Nov 28, 2016 | English
पूर्व दिशा में दोष /बचाव के उपाय * यदि भवन में पूर्व दिशा का स्थान ऊँचा हो, तो व्यक्ति का सारा जीवन आर्थिक अभावों, परेशानियों में ही व्यतीत होता रहेगा और उसकी सन्तान अस्वस्थ, कमजोर स्मरणशक्ति वाली, पढाई-लिखाई में जी चुराने तथा पेट और यकृत के रोगों से पीडित रहेगी. *...
by Gaurav Arya | Nov 28, 2016 | English
पश्चिम दिशा में दोष /बचाव के उपाय पश्चिम दिशा का प्रतिनिधि ग्रह शनि है. यह स्थान कालपुरूष का पेट, गुप्ताँग एवं प्रजनन अंग है. * यदि पश्चिम भाग के चबूतरे नीचे हों, तो परिवार में फेफडे, मुख, छाती और चमडी इत्यादि के रोगों का सामना करना पडता है. * यदि भवन का पश्चिमी भाग...
by Gaurav Arya | Nov 28, 2016 | English
उत्तर दिशा में दोष /बचाव के उपाय उत्तर दिशा का प्रतिनिधि ग्रह बुध है और भारतीय वास्तुशास्त्र में इस दिशा को कालपुरूष का ह्रदय स्थल माना जाता है. जन्मकुंडली का चतुर्थ सुख भाव इसका कारक स्थान है. * यदि उत्तर दिशा ऊँची हो और उसमें चबूतरे बने हों, तो घर में गुर्दे का रोग,...
by Gaurav Arya | Nov 28, 2016 | English
दक्षिण दिशा में दोष /बचाव के उपाय दक्षिण दिशा का प्रतिनिधि ग्रह मंगल है, जो कि कालपुरूष के बायें सीने, फेफडे और गुर्दे का प्रतिनिधित्व करता है. जन्मकुंडली का दशम भाव इस दिशा का कारक स्थान होता है. * यदि घर की दक्षिण दिशा में कुआँ, दरार, कचरा, कूडादान, कोई पुराना सामान...