शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए 10 ज्योतिष उपाय

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए 10 ज्योतिष उपाय धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिवार को कुछ विशेष उपाय करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों का कल्याण करते हैं । मान्यता के अनुसार, मनुष्य को उसके अच्छे-बुरे कामों का फल शनिदेव ही देते हैं, इसलिए अच्छे काम करने के...

नवग्रहो का यन्त्र-मन्त्रादि

नवग्रहो का यन्त्र-मन्त्रादि जिन व्यक्तियों के कई ग्रह अरिष्ट चल रहे हों उन्हें चाहिये कि ग्रहण, होली, दीपावली, विजयादशमी, रामनवमीं, अमावस्या, नागपचँमी, वसंत पंचमी आदि शुभ मुहुर्तों में विधि-विधान पूर्वक यन्त्रों का निर्माण, भोजपत्र पर अष्टगन्ध की स्याही से पूरा विधान...

बारह राशियों का परिचय (Introduction of 12 Signs)

बारह राशियों का परिचय (Introduction of 12 Signs) मेष राशि पित्तानिलत्रिधा त्वैक्यं श्लेष्मिकाश्च क्रियोदयः। रक्तवर्णो बृहद्गाश्चतुष्पाद्रात्रि विक्रमी।। पूर्ववासी नृपज्याति शैलचारी रजोगुणी। पृष्ठोदयी पावकी च मेषराशिः कुजादिपः।। अर्थ – पित्त वायु कफ ये तीनो मिले...

पंचक अशुभ क्यों ? (Panchak Ashub Kyu)

भारतीय ज्योतिष में पंचक को अशुभ माना गया है. इसके अंतर्गत धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, पूर्वा भाद्रपद व रेवती नक्षत्र आते हैं. पंचक के दौरान कुछ विशेष काम करने की मनाही है. आज 8 नवंबर, मंगलवार की दोपहर 11.51 से पंचक शुरू हो गया है, जो कि 12 नवंबर, शनिवार की रात...

जानिए,कौन सा ग्रह है – किस रोग का कारक

जानिए,कौन सा ग्रह है – किस रोग का कारक  ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार हमारे शरीर में प्रत्येक रोग चाहे वह किसी भी प्रकृति का हो, हमारे पूर्वार्जित कर्मफल के रूप में उत्पन्न होता है। कई बार हम खान-पान में संयमी हैं, परिश्रमी है, आचार-व्यवहार शुद्ध है फिर भी रोगों का...

हस्तरेखा में मणिबंध रेखा का परिचय (Maniband Introduction)

हस्तरेखा में मणिबंध रेखा का परिचय हाथ के मूल भाग में कलाई के ऊपरी भाग में मणिबन्ध होता है यह कई रेखाओं की सहायता से घुमावदार रेखा होती है। मणिबन्ध में तीन बल होने से लम्बी आयु का पता चलता है तथा तीन से अधिक रेखायें होने से शुभ नहीं माना जाता है। अ- मणिबन्ध में अनेक...