Lucky Wedding Dates 2019

Lucky Wedding Dates 2019

Lucky Wedding Dates 2019

Marriage Date January 2019

17 January, 2019 (Thursday)22:34 to 31: 18+RohiniDvashashi
18 January, 2019 (Friday)07:18 to 22:10Rohini, MrigashiraDvashashi, Triodshi
23 January, 2019 (Wednesday)07:17 to 13:40MaghaTritiya
25 January, 2019 (Friday)14:48 to 31: 16+Uttara Phalguni, HastaPanchami, Shashthi
26 January, 2019 (Saturday)07:16 to 15:05HastaShashthi
29 January, 2019 (Tuesday)15:15 to 27: 02+AnuradhaDashami

Marriage Date February 2019

1 February, 2019 (Friday) 07:13 to 21:08MulaDvashashi, Triodshi
8 February, 2019 (Friday)14:59 to 23:24Uttarra BhadrapadChaturthi
10 February, 2019 (Sunday)07:07 to 13:06Uttarra Bhadrapad , RevatiPanchami
15 February, 2019 (Friday)07:03 to 20:53MrigashīrshaDashami, Ekadashi
21 February, 2019 (Thursday)06:58 to 23:12Uttarara PhalguniDvitiya, Tritiya
23 February, 2019 (Saturday)22:47 to 30: 55+SvatiPanchami
24 February, 2019 (Sunday)06:55 to 22:03SvatiShashthi
26 February, 2019 (Tuesday)10:47 to 23:04AnuradhaAshtami
28 February, 2019 (Thursday)07:21 to 19:35MulaDashami

March Marriage Dates 2019

2 March, 2019 (Saturday)11:32 to 30: 48+Uttara AshadhDvashashi
7 March, 2019 (Thursday)20:54 to 30: 43+Uttarra BhadrapadPratipada, Dvitiya
8 March, 2019 (Friday)06:43 to 30: 41+Uttarra Bhadrapad, RevatiDvitiya, Tritiya
9 March, 2019 (Saturday)06:41 to 18:48RevatiThird
13 March, 2019 (Wednesday)06:37 to 28: 22+RohiniSaptami

April Marriage Dates 2019

16 April, 2019 (Tuesday)25: 51+ to 29: 58+Uttarara PhalguniTrayodashi
17 April, 2019 (Wednesday)05:58 to 18:32Uttarara PhalguniTrayodashi
18 April, 2019 (Thursday)14:58 to 19:26HastaChaturdashi
19 April, 2019 (Friday)19:30 to 29: 54+SvatiPratipada
20 April, 2019 (Saturday)05:54 to 17:58SvatiPratipada, Dvitiya
22 April, 2019 (Monday)11:24 to 16:46AnuradhaChaturthi
23 April, 2019 (Tuesday)25: 00+ to 29: 51+MulaPanchami
24 April, 2019 (Wednesday)05:51 to 18:35MulaPanchami, Sashthi
25 April, 2019 (Thursday)25: 39+ to 29: 49+Uttara AshadhaSaptami
26 April, 2019 (Friday)05:49 to 23:15Uttara AshadhaSaptami, Ashtami

May Marriage Dates 2019

2 May, 2019 (Thursday)05:43 to 27: 20+Uttarra Bhadrapad, RevatiTrayodashi
6 May, 2019 (Monday)16:37 to 25: 15+RohiniDvitiya
7 May, 2019 (Tuesday)23:23 to 29: 39+MrigshiraTritia, Chaturthi
8 May, 2019 (Wednesday)05:39 to 13:40MrigshiraChaturthi
12 May, 2019 (Sunday)17:33 to 29: 35+MaghaNavami
14 May, 2019 (Tuesday)08:53 to 23:47Uttarara PhalguniDashami, Ekadashi
15 May, 2019 (Wednesday)10:35 to 29: 34+HastaDvashashi
17 May, 2019 (Friday)17:38 to 27: 08+SvatiChaturdashi
19 May, 2019 (Sunday)13:07 to 26: 07+AnuradhaPratipada
21 May, 2019 (Tuesday)08:45 to 13:25MulaTritia
23 May, 2019 (Thursday)05:30 to 29: 30+Uttara AshadhPanchami, Sashthi
28 May, 2019 (Tuesday)18:59 to 26: 29+Uttarra BhadrapadDashee
29 May, 2019 (Wednesday)15:21 to 29: 28+Uttarra Bhadrapad, RevatiEkadashi
30 May, 2019 (Thursday)05:28 to 16:37RevatiEkadashi

June Marriage Dates 2019

8 June, 2019 (Saturday)22:59 to 29: 26+MaghaSashthi, Saptami
9 June, 2019 (Sunday)05:26 to 15:49MaghaSaptami
10 June, 2019 (Monday)14:21 to 29: 26+Uttara PhalguniAshtami, Navami
12 June, 2019 (Wednesday)06:08 to 11:51HastaDashee
13 June, 2019 (Thursday)25: 23+ to 29: 27+SvatiDvashashi
14 June, 2019 (Friday)05:27 to 10:17SvatiDvashashi
15 June, 2019 (Saturday)10:00 to 29: 27+AnuradhaTrayodashi, chaturdashi
16 June, 2019 (Sunday)05:27 to 10:07AnuradhaChaturdashi
17 June, 2019 (Monday)17:00 to 29: 27+MulaPratipada
June 18, 2019 (Tuesday)05:27 to 11:51MulaPratipada
19 June, 2019 (Wednesday)13:30 to 18:58Uttara AshadhDvitiya, Tritiya
25 June, 2019 (Tuesday)05:28 to 29: 29+Uttarra BhadrapadAshtami, Navami
26 June, 2019 (Wednesday)05:29 to 23:50RevatiNavami

Marriage Dates 2019 July

6 July, 2019 (Saturday)13:09 to 21:52MaghaPanchami
7 July, 2019 (Sunday)20:14 to 29: 33+Uttarara PhalguniShastri

Marriage Dates 2019 November

8 November, 2019 (Friday)12:24 to 30: 42+Uttarra BhadrapadDvashashi
9 November, 2019 (Saturday)06:42 to 30: 43+Uttarra Bhadrapad, RevatiDvashashi, Triodshi
10 November, 2019 (Sunday)06:43 to 10:43RevatiTrayodashi
14 November, 2019 (Thursday)09:14 to 30: 47+Rohini, MrigashiraDvitiya, Tritiya
22 November, 2019 (Friday)09:01 to 30: 53+Uttara Phalguni, HastaEkadashi
23 November, 2019 (Saturday)06:53 to 14:45HastaDvashashi
24 November, 2019 (Sunday)12:48 to 25: 05+SvatiTrayodashi
30 November, 2019 (Saturday)18:04 to 31: 00+Uttara AshadhPanchami

 

5 December, 2019 (Thursday)20:08 to 31: 04+Uttarra BhadrapadNavami, Dashami
6 December, 2019 (Friday)07:04 to 16:32Uttarra BhadrapadDashami
11 December, 2019 (Wednesday)22:54 to 31: 08+RohiniPurnima
12 December, 2019 (Thursday)07:08 to 30: 19+MrigshiraPurnima

Holi festival dates between 2015 & 2025

गोगा जाहर पीर साधना विधि एवं नियम, मंत्र, पूजा विधि

गोगा जाहर पीर साधना विधि एवं नियम, मंत्र, पूजा विधि

Goga Jahar Peer Ji Sadhana Mantra, Puja Vidhi, Rules in Hindi गोगा जाहर पीर साधना विधि एवं नियम, मंत्र, पूजा विधि 

गोगा जाहर पीर का जन्म मंगलवार नवमी तिथि को हुआ जो आज गुगा नवमी के नाम से जानी जाती है | कृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन आती है |

सिद्धनाथ वीर गोगादेव

राजस्थान के लोक  प्रिये देवता हैं। उन्हें जाहरवीर गोगाजी के नाम से भी जाना जाता है । राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले का गोगामेड़ी शहर है यहां भादव शुक्लपक्ष की नवमी को गोगाजी का मेला लगता है। इन्हे सभी धर्मों के लोग पूजते है । वीर गोगाजी गुरुगोरखनाथ के परम शिष्य  थे। चौहान वीर गोगाजी का जन्म चुरू जिले के ददरेवा गाँव में विक्रम संवत १००३ में हुआ था, सिद्ध वीर गोगादेव का जन्मस्थान, जो दत्तखेड़ा ददरेवा राजस्थान के चुरू जिले में स्थित है। जहाँ पर सभी धर्मों के लोग मत्था टेकने के लिए दूर-दूर से आते हैं।  मुस्लिम समाज के लोग जाहर पीर के नाम से पुकारते हैं तथा उक्त स्थान पर मन्नत माँगने और मत्था टेकने आते हैं।  यह स्थान हिंदू और मुस्लिम एकता का प्रतीक है।

गोगा जाहर पीर साधना विधि एवं नियम

१. साधना शुरू करने से पहले यह वचन करें कि मैं नाग कभी नहीं मारूंगा और न ही नागों को किसी तरह का कष्ट दूंगा |

२. यह साधना 41 दिन की है | इसे आप गोगा नवमी से शुरू कर सकते हैं | अगर ऐसा न हो तो किसी भी नौ चंदे रविवार ( शुक्लपक्ष के प्रथम रविवार ) शुरू कर लें |

३. इसमें आप सफ़ेद वस्त्र और ऊनी आसन का उपयोग करें | आसन किसी भी रंग का लिया जा सकता है | फिर भी सफ़ेद आसन उत्तम है |

४. साधना काल में ब्रह्मचर्य अनिवार्य है |

५. इस मंत्र का 5 माला जाप करना है | इसके लिए काली हकीक माला सबसे उत्तम है ६. इसे आप किसी भी नदी किनारे बैठ कर करें या गोगा माड़ी पर भी कर सकते हैं | वह हर शहर में होती है | या फिर नाग बाम्बी के पास बैठ कर करें | घर में अगर करनी हो तो ऐसा कमरा होना चाहिए जिसमे आपके अलावा कोई और न जाए जब तक साधना में हों | मेरे अनुसार तो नदी किनारा सबसे उत्तम है |

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७. साधना शुरू करने से पहले एक जगह गौ गोबर से लीप लें। अगर मकान या फर्श पक्का है तो उसे अच्छी तरह धो कर शुद्ध कर लें और उस पर आसन लगायें और सामने एक बाजोट पर सफ़ेद वस्त्र बिछाकर गोगा जी का चित्र स्थापित करें ।

  1. चित्र का पूजन सफ़ेद कलियों से करें और एक फूलों का सेहरा चढ़ाएं, अगरबत्ती लगा दें, एक दिया गऊ के शुद्ध घी का लगा दें।
  2. एक लोटा दूध का मीठा मिलाकर पास रखें और जब मंत्र जाप पूरा हो जाये तो उसे नाग बाम्बी में डाल दें और कुछ सफ़ेद फूल चढ़ाकर नमस्कार करें।

८. इसके लिए भोग में दूध की बनी मिठाई रोज लें और पूजन कर भोग अर्पित करें |

९. नाग दर्शन होने पर डरें नहीं, वह कुछ नहीं कहेगा | जब पीर दर्शन हों तो उनसे प्रार्थना करें कि वह आप पर अपनी कृपा दृष्टि हमेशा रखें |

१०. साधना समय शाम 7 से 10 बजे का उत्तम है | अगर आप बाहर नदी किनारे कर रहे हैं तो शाम 4 बजे के बाद कभी भी शुरू कर सकते हैं |

११. निम्न मंत्र पढ़कर फूल लेकर गोगा जी के चित्र पर चढ़ाएं और जल हाथ में लेकर चारों और छिड़क दें, इससे रक्षा होगी | कुछ लोगों ने नित्य कर्म की साधना के बारे में पूछा, वो यह मंत्र रोज नित्य कर्म में भी कर सकते हैं | पर मेन साधना उसी तरीके से करनी है अगर पूर्ण लाभ चाहिए |

१२. इसे पूर्व दिशा की और करें, आपका मुख पूर्व दिशा की तरफ हो |

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गोगा जाहर पीर साधना विधि एवं नियम रक्षा मंत्र 

ॐ नमो आदेश गुरु को जाहरापीर मददगीर रक्षा करनी अंग संग रहना आदेश गोगा जाहरपीर को आदेश गोरख साई को आदेश |
 

इसके बाद निम्न मंत्र की 5 माला जप करें |

गोगा जाहर पीर साधना मंत्र

धन धन गोगा मंडली धन धन गोगा सुलतान |

पर्वत धूड़ा धूमीया गोगा चढ़े जहान ||गोगे संधी कोठड़ी मली बिशियर नाग |

साधू चले वनखंडी आ करके रुख तमाम ||सारे हाथ निवामदें सीता के अहु राम |

दायें मोढ़े उपर कालका बायें है हनुमत ||माथे उपर नाहर सिंह तू नागो का सुल्तान |

फुरों मंत्र ईश्वरो वाचा ||आदेश आदेश आदेश गोगा जाहरपीर को आदेश |

 

Sade Sati Shani Remedies

छड़ी का मंत्र

सत नमो आदेश , गुरूजी को आदेश गुरूजी

जाहरवीर जाहरवीर सच्ची सरकार 

अला बला को ले जा सात समंदर पार 

नीला घोडा भगमा भेष , खब्बे पैर पदम् नाग

गल में विराजे भुरीया मस्तक शेषनाग 

आओ आओ बाबा जाहर 

गोरख गुरु की मन्न आन 

तेरी छड़ी कौन विराजे 

नारसिंह वीर गाजे 

सावलसिंह वीर गाजे 

किसके हुक्म से गाजे 

गोरख गुरु के हुक्म से गाजे 

ना गाजे तो चौथे किंगरे वाला ना कहायें 

नारी बामणी का जाया ना कहायें 

नागे गुरां की तेई झूठी हो जाये 

गोरख गुरु का चेला ना कहायें 

माता का पिया दूध हराम करे 

जाग रे जाग 

जाहरवीर को मन्न के जाग 

गोरख गुरु को मन्न के जाग 

नागे गुरु को मन्न के जाग

बहन श्याम्कौर को मन्न के जाग 

माई मदानण को मन्न के जाग 

गपुरी खेड़े को मन्न के जाग 

हेमराज गधिले को मन्न के जाग 

अस्त बली को मन्न के जाग 

नौ नाथों को मन्न के जाग 

चौरासी सिद्धों को मन्न के जाग 

तेरे संग कौन चले 

भैरों हनुमान रख्ता चले

माई कालका चले

माई मदानण चले 

कुडडीया वीर चले 

बावरी वीर चले 

अनंत कोटि सिद्ध चले 

मेरे चलाये ना चले 

मेरे गुरु के चलाये चले

दादा गुरु के चलाये चले 

गुरु गद्दी के चलाये चले 

गुरु गोरखनाथ के चलाये चले 

नाथ सिद्धों की तलवार  

वीरों का वार  

छड़ी ले जाये 

अला बला को सात समुन्दर पार 

इतना जाहर छड़ी जाप सम्पूर्ण सही  

नाथ जी गुरुजी को आदेश आदेश 

KAAL SHARPA DOSHA

kaal sharpa dosha

Kaal sarp yog is formed when in an horoscope, all the seven planets comes between or  hemmed between rahu and ketu.  Rahu is considered serpent’s head and ketu is dragon’s tail. So the presence of kaal sarp yoga in an horoscope is considered particularly harmful as all the planets are surrounded by the serpent and thus loose their good impacts to a great extent which will make person less lucky, creates problems and delays in many important aspects of life.

The general impacts of kaal sarp dosha are following:

  1. Problems and breaks in important and auspicious work.
  2. Low Mental peace
  3. Low self-confidence
  4. Deterioration of health and reduces longevity
  5. Poverty and destruction of wealth.
  6. Destruction of business and loss of job
  7. Anxiety and unnecessary Tensions
  8. Bad Relations with family members and friends
  9. Treachery from friends and colleagues
  10. Very less help from relatives and friends

Anant Kalsarp Yoga:  This type of kaal sarp dosha is formed when rahu is in Ascendant (Lagna) or 1 st house and ketu is placed in seventh house.

Kulik Kaalsarp Dosha :  This type of kaal sarp dosha is formed  when rahu is in Second house or house of money or dhan bhava and ketu is placed in eighth house

Vasuki Kaalsarp Yoga: This type of kaal sarp dosha is formed  when rahu is in third house or house of  courage, younger siblings and effort and ketu is placed in ninth house or house of luck and dharma.

Shankpal Kaalsarp Yoga: This type of kaal sarp dosha is formed  when rahu is in fourth house or house of sukh or happiness or sukh bhava and ketu is placed in 10 th house or karm bhava or house of profession.

Padam Kaalsarp Yoga: This type of kaal sarp dosha is formed  when rahu is in fifth house or house of education and children and ketu is placed in 11 th house or aaya bhava or house of income. This yoga will give breaks and hurdles in case of getting education.

MahaPadam Kaalsarp Yoga: This type of kaal sarp dosha is formed  when rahu is in sixth house or house of enemies and diseases and ketu is placed in 12 th house.

Takshak Kaalsarp Yoga: This type of kaal sarp dosha is formed  when rahu is in seventh house or house of marriage and ketu is placed in first house or lagna. This yoga will give problems from the wife and person will not have support from wife.

Karkotak Kaalsarp Yoga: This type of kaal sarp dosha is formed  when rahu is in eighth house and ketu is placed in second house or . This yoga will severe problems in case of health.

Shankchood Kaalsarp Yoga: This type of kaal sarp dosha is formed  when rahu is in ninth house and ketu is placed in third house. The person suffering from this yoga will lose his money in gambling.

Ghatak Kaalsarp Yoga: This type of kaal sarp dosha is formed when rahu is in tenth house and ketu is placed in fourth house. He will have less mental peace and will not have pleasure of good vehicles. His servant will be thieves. He will be prone to depression. Punishment by law is also possible.

Vishdhar Kaalsarp Yoga: This type of kaal sarp dosha is formed when rahu is eleventh house and ketu is placed in fifth house. The  person travels  frequently and is  never fixed at place. The person will have many problems in earning money and will have lesser power of brain.

Sheshnag Kaalsarp Yoga: This type of kaal sarp dosha is formed when rahu is twelfth house and ketu is placed in sixth house. He will not have sound health and from time to time, he will suffer from diseases. His enemies will give him damage.

PALMISTRY(PART-1)

The Flexibility of the Hand

Flexible hands are those with supple joints, or double-joined fingers which will bend back without effort. In a stiff hand the fingers cannot be bent back. Care must be taken in noticing the difference between slightly flexible hands, flexible  hands, and very flexible hands, each showing a varying degree of character.

A flexible hand indicates a flexible mind and a pliant disposition. People with these hands are very versatile and adaptable, quick in grasping facts and people; they are generous, and often extravagant: they are open and candid rather than silent and secretive. The possessors of very flexible hands are more versatile; they shine in society, are chatty, and make good conversationalists.

People with flexible hands are easier to get on with than people with stiff hands: the latter show a nature that does not adapt itself easily to people and surroundings, is reserved, conservative, and slow in grasping people and facts. The flexible and shows a flexible mind and the stiff hand a stiff mind.

Color of the Hand

The hand gets its color from the blood; if, therefore, the circulation is good and the blood  healthy, the better will be the color shown in it. The palm of the hand shows the color more clearly and it is this part which should be examined. The normal color is pink, and hands should be judged with reference to this color.

  • The pink color shows a warm, sympathetic disposition: the possessor will be sanguine, hopeful, and cheerful. Hands which are white under all conditions indicate a lack of blood supply, and make the possessor cold, distant, and selfish.
  • Hands which are red in color show an unusual supply of blood-pure and rich.
  • These people are very ardent and passionate: in their affections they are very intense, frequently very jealous, and with other signs they will be sensual.
  • Yellow color in the hands is due to the presence of bile and impurities in the blood. These people are melancholy, reticent, morose, and fond of solitude.
  • Dark hands show a nature proud, cold, and reserved.

एस्ट्रो गौरव आर्य ने की थी बीजेपी की भविष्यवाणी उत्तर प्रदेश में

दिनांक ११ फरवरी को एस्ट्रोलोजर गौरव आर्य ने रात्रि में १० बजे अपने ऑफिसियल पेज Astrologer & Researcher Gaurav Arya पर बताया था के बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ उत्तर प्रदेश में विजयी होगी |इससे पहले भी इन्होंने काफी लोगो के विषय में काफी कुछ बताया है |

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