तिथि (Thithi)

एक तिथि अर्थात् चन्द्र और सूर्यं के मध्य बारह अंश का कोणीय अन्तर होने में लगने वाला समय । क्लिरि भी तिथि के पूरी होने में लगने क्ला समय सदैव बदलता रहता है । वह कम से कम २० घण्टों का और’ अधिक से अधिक २७ घण्टों का हो सकता है जब सूर्य और चन्द्र के समय का कोणीय...

शनैश्चरस्तोत्रम्

शनैश्चरस्तोत्रम् ॥ शनैश्चरस्तोत्रम् ॥ ॥ श्रीशनैश्चरस्तोत्रम् ॥  अस्य श्रीशनैश्चरस्तोत्रस्य दशरथ ऋषिः । शनैश्चरो देवता । त्रिष्टुप् छन्दः । । शनैश्चरप्रीत्यर्थ जपे विनियोगः। दशरथ उवाच — कोणोऽण्तको रौद्रयमोऽथ बभ्रुः कृष्णः शनिः पिंगलमन्दोसौरिः । नित्यं स्मृतो यो हरते च...
तंत्र को वापस करना (Back Tantra):Tantra to remove Black Magic

तंत्र को वापस करना (Back Tantra):Tantra to remove Black Magic

तंत्र को वापस करना (Back Tantra): Tantra to remove Black Magic Some Times we will something is wrong with us in this situation we need to take this prayog. Tantra to remove black magic ॐ एक ठो सरसो सौला राई मोरो पटवाल को रोजाई खाए खाए पड़े भर जे करे ते मरे उल्ट विद्या...

स्वाति नक्षत्र Swati Nakshatra or Nakshatram

स्वाति नक्षत्र Swati Nakshatra or Nakshatram स्वाति नक्षत्र राशि पथ में १६६.४० से २००.०० अंशो के मध्य स्थित है इस का दूसरा नाम है मरुत,बात,समीकरण,वायु,|अरबी में इससे अल गफार कहते है |चित्र की तरह स्वाति नक्षत्र में भी केवल एक तारे की स्थिति मणि गयी है |यह नक्षत्र तुला...

उंगलिया आयुर्वेद और योग

हमारे हाथ की पांचो उंगलिया शरीर के अलग अलग अंगों से जुडी होती है |इसका मतलब आप को दर्द नाशक दवाइयां खाने की बजाए इस आसान और प्रभावशाली  तरीके का इस्तेमाल करना करना चाहिए | आज इस लेख के माध्यम  से हम आपको बतायेगे के शरीर के किसी हिस्से का दर्द सिर्फ हाथ की उंगली को...