बारह राशियों का परिचय (Introduction of 12 Signs)

बारह राशियों का परिचय (Introduction of 12 Signs) मेष राशि पित्तानिलत्रिधा त्वैक्यं श्लेष्मिकाश्च क्रियोदयः। रक्तवर्णो बृहद्गाश्चतुष्पाद्रात्रि विक्रमी।। पूर्ववासी नृपज्याति शैलचारी रजोगुणी। पृष्ठोदयी पावकी च मेषराशिः कुजादिपः।। अर्थ – पित्त वायु कफ ये तीनो मिले...

पंचक अशुभ क्यों ? (Panchak Ashub Kyu)

भारतीय ज्योतिष में पंचक को अशुभ माना गया है. इसके अंतर्गत धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, पूर्वा भाद्रपद व रेवती नक्षत्र आते हैं. पंचक के दौरान कुछ विशेष काम करने की मनाही है. आज 8 नवंबर, मंगलवार की दोपहर 11.51 से पंचक शुरू हो गया है, जो कि 12 नवंबर, शनिवार की रात...

जानिए,कौन सा ग्रह है – किस रोग का कारक

जानिए,कौन सा ग्रह है – किस रोग का कारक  ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार हमारे शरीर में प्रत्येक रोग चाहे वह किसी भी प्रकृति का हो, हमारे पूर्वार्जित कर्मफल के रूप में उत्पन्न होता है। कई बार हम खान-पान में संयमी हैं, परिश्रमी है, आचार-व्यवहार शुद्ध है फिर भी रोगों का...

हस्तरेखा में मणिबंध रेखा का परिचय (Maniband Introduction)

हस्तरेखा में मणिबंध रेखा का परिचय हाथ के मूल भाग में कलाई के ऊपरी भाग में मणिबन्ध होता है यह कई रेखाओं की सहायता से घुमावदार रेखा होती है। मणिबन्ध में तीन बल होने से लम्बी आयु का पता चलता है तथा तीन से अधिक रेखायें होने से शुभ नहीं माना जाता है। अ- मणिबन्ध में अनेक...
सूर्य साधना Surya Sadhna

सूर्य साधना Surya Sadhna

सूर्य साधना Surya Sadhna अथ सूर्य साधना सूर्य साधना सूर्य साधना आस्था और अध्यात्म पर बहुत ही सरल तरीके से दी जा रही है |इस साधना की दीक्षा लेकर सूर्य देव की साधना की जाये तो मानव उच्च स्थान को पता है अगर आपकी कुंडली में सूर्य देव नीच अवस्था में है और लाभकारी नही है...