नवग्रह स्तोत्र Nav Graha Strotam

नवग्रह स्तोत्र Nav Graha Strotam     नवग्रह स्तोत्र     जपाकुसुमसंकाशं  काश्यपेयं  महाद्युतिम्।        तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम्।।१।। दधिशख्ङतुषाराभं         क्षीरोदार्णवसम्भवम्।       नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्।।२।। धरणीगर्भसंभूतं    ...

दीक्षा-विचार (Deeksha Vichar)

तत:-  सद्गुरोराहिता   दीक्षा  सर्वकर्माणि  साधयेत्।   दीक्षा-विचार (Deeksha Vichar)  दीक्षा-विचार दीक्षा-विचार-  दीक्षा के बिना मन्त्रजप दूषित होता है। दीक्षा से दिव्य ज्ञान का लाभ और पापों का नाश होता है। इसी से इसका नाम दीक्षा है;  क्योकि जप-तप आदि का मूल दीक्षा ही...

अपनी रक्षा के लिए शाबर सुमेरु मंत्र और शाबर सुरक्षा कवच

अपनी रक्षा के लिए शाबर सुमेरु मंत्र और शाबर सुरक्षा कवच         मंत्र विद्या का प्रयोग करने बाले को भारतीय भाषा में ओझा, गुनी या सयाना कहा जाता है I अलग-अलग स्थानों पर इन शब्दों का प्रयोग मंत्र शक्ति से कार्य करानेवाले व्यक्ति को संबोधित करने के लिए होता है I यह ओझा...

वास्तु दोष से मुक्ति कहीं आपके घर में भी तो नहीं वास्तुदोष

वास्तु दोष से मुक्ति vastu tips वास्तु दोष से मुक्ति कहीं आपके घर में भी तो नहीं वास्तुदोष हम जिस स्थान पर रहते हैं, उसे वास्तु कहते हैं। इसलिये जिस जगह रहते हैं, उस मकान में कौन-सा दोष है, जिसके कारण हम दुख-तकलीफ उठाते हैं, इसे स्वयं नहीं जान सकते। हमें यह भी पता...

मस्तिष्क रेखा ( Line of Mind in palmistry )

मस्तिष्क रेखा देर से आरम्भ होने वाली मस्तिष्क रेखा ऐसी मस्तिष्क रेखा को जीवन रेखा के अंदर या उससे ऊपर से आरम्भ न होकर शनि की उंगली के नीचे से आरम्भ होती है |कभी कभी यह दूसरी मस्तिष्क रेखा के साथ होती है इसको ढके रहती है |यह मस्तिष्क रेखा का दोष है |अतः दोषपूर्ण...