Neelam Stone Amitabh Bachchan

Neelam Stone Amitabh Bachchan

Amitabh Bachchan is a Famous Star in Film Industry

Born: October 11, 1942In: Allahabad (India) Height: Amitabh Bachchan is 6′ 2″ (1m88) tall

  1. When struggle times hit Amitabh, Amitabh Bachchan consulted an astrologer in Mumbai and wore a blue sapphire ring in his finger.
  2. It was shortly after he started sporting this ring that the mega TV show “Kaun Banega Crorepati” came his way. Sapphire, generally known to be very sensitive, is rarely worn due to its adverse effects.
  3. But this blue sapphire is known to be constantly worn by him and seems to be very lucky for this Indian artist.
  4. He seems to be constantly changing the finger which is used to wear the ring.
  5. As a Proof, You can see in the below Photo.

Blue Sapphire Benefits

  • Neelam Stone is a highly protective gemstone. It helps in protection from enemies, evil eye, hexing, jealousy etc.
  • Blue Sapphire blesses with mental clarity, clears confusion and blesses the individual with the correct decision-making abilities
  •  Neelam improves digestion, takes away lethargy and helps improve focus and concentration.
  • It has excellent healing abilities to soothe the senses and blesses with calmness and equanimity
  •  Stone gives names, fame and a formidable reputation
  • If the Sapphire (Neelam) is put in water and the same water is used to wash the scorpion bite, the effect of the poison is removed immediately.
  • Sapphire (Neelam) it is worn as a talisman, it gives protection from evil spirits.

Celebrities Who Wear Gemstones to Better Their Luck

Amitabh Bachchan – Blue Sapphire and Colombian Emerald

 Kareena Kapoor Khan – Pearl and Red Coral

Aishwarya Rai Bachchan – Blue Sapphire, Opal, and Diamond

Ajay Devgn – Yellow Sapphire and Pearl

Shilpa Shetty Kundra – Emerald

Salman Khan – Turquoise

Ekta Kapoor -Yellow Sapphire, Emerald, Diamond, and Coral

 

If you want to Know which Stone is Good or Bad for You, Contact as soon as possible.

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Rashi ratan stone in Hindi

Rashi ratan stone in Hindi

Rashi ratan stone in Hindi

कोई भी रत्न राशि के अनुसार धारण नहीं किया जा सकता है क्यूंकि हो सकता है जो आपकी राशि है उसका राशि स्वामी अच्छा नहीं हो तो वह नुकसान दे सकता है| इसलिए कुंडली के अनुसार ही राशि का रतन धारण किया जा सकता है|

आप अपनी जानकारी यहाँ दीजिये हम आपको फ़ोन करके आपके राशि रतन के बारे में बतायंगे

मेष राशि

मेष राशि सूर्य के क्रांतिपथ में लगभग १.२ से २.८ घंटे तक खगोलीय देशान्तर में होता है. इसका अक्षांशीय विस्तार ३० डिग्री उत्तर से १० डिग्री दक्षिण तक है. मेष नेतृत्व का गुण प्रदान करता है. सजग और सक्रिय बनाये रखता है. इस लग्न की एक विशेषता यह भी है कि इससे प्रभावित व्यक्ति चुनौतियों के लिए सदैव तैयार होता है. जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए ये हमेशा तत्पर रहते हैं. इस राशि का नाकारात्मक पक्ष यह है कि इसमें क्रोध अधिक होता है. इससे प्रभावित व्यक्ति जल्दी किसी बात को लेकर उत्तेजित हो जाता है. इनमें हठ भी अधिक होता है. इस राशि वालो को मूंगा (Red coral), गारनेट (Garnette) या रेड एजेट (Red Agate) पहनने की सलाह दी जाती है.

वृष राशि

भचक्र की दूसरी राशि है वृष. क्रांति पथ में यह मेष और मिथुन के बीच होता है. इसका देशांतरीय विस्तार ३.२ से ५.८ घंटा है और अक्षांशीय विस्तार ३० डिग्री से भूमध्य रेखा तक है. इस राशि का साकारात्मक पक्ष है कि इससे प्रभावित व्यक्ति धन और भाग्य प्राप्त करता है. इनमें धैर्य होता है लेकिन शत्रु बली ही क्यों न हो अगर ठान ले तो उसे परास्त करके ही रहते हैं. इस राशि में परिश्रम का गुण भी होता है. ये अपने काम में सतत् लगे रहते हैं. अगर व्यक्ति पुरूष है तो महिलाओं के बीच लोकप्रिय होता है. इस राशि का नाकारात्मक पक्ष है अत्यधिक भावुक होना. इन्हें कोई भी आसानी से अपनी ओर मिला लेता है. इस लग्न व्यक्तियों को हीरा (diamond), अम्बर (Amber), ओपल (Opel), फिरोजा (Torquise) धारण करने की सलाह दी जाती है.

मिथुन राशि

तीसरी राशि मिथुन का स्थान वृष और कर्क के बीच है. इसका देशांतरीय विस्तार ६.१ से ८.४ घंटे तक है. अक्षांशीय विस्तार ३५ डिग्री उत्तर से १० डिग्री दक्षिण तक है. इस राशि का सकारात्मक पक्ष है संगीत एवं नृत्य से गहरा लगाव. खेल एवं कला के क्षेत्र में आगे रहना. सुन्दर और आकर्षक दिखना. कलहपूर्ण स्थिति में मध्यस्थ बनकर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाना. इसका नाकारात्मक पक्ष है कि जिन्हें कामयाबी देर से मिलती है. इनके व्यवहार में बालपन झलकता है. इस लग्न के व्यक्ति को पन्ना (Emerald), जेड (Jade), पेरीडोट (Peridot) पहनना लाभदायक होता है.

कर्क राशि

चौथी राशि है कर्क. यह सूर्य के क्रांतिपथ में मिथुन और सिंह राशि के बीच होता है. इस राशि का विस्तार देशान्तर में ७.८ से ९.५ घंटे तक है. इसका अक्षांशीय विस्तार ३४ डिग्री उत्तर से ४ डिग्री दक्षिण है. इस राशि का गुण है किसी विषय को गहराई से समझना. जो व्यक्ति इस राशि से प्रभावित होता है उनमें दूसरो को समझने की अद्भुत क्षमता होती है. व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता अच्छी होती है. लिखने एवं बोलने की कला में व्यक्ति कुशल होता है. इस राशि का दूसरा पक्ष है अपने मन की करना. छोटी छोटी बातों पर रूठ जाना, अति संवेदनशील होना. कर्क लग्न का व्यक्ति सैर सपाटे का भी शौकीन होता है. मोती (Pearl), एजेट (Agate) एवं मूनस्टोन (Moonstone) धारण करने से कर्क राशि के लोगों को लाभ मिलता है.

सिंह राशि

पांचवीं राशि है सिंह. यह सूर्य की क्रांतिपथ में कर्क और कन्या राशि के बीच होता है. इसका आभासीय विस्तार ९.४ से १२ घंटे तक है. इस राशि का गुण है साहसी और नेतृत्व कुशल होना. यह राशि जितनी उदार है उतनी ही संघर्षशील भी है. इस राशि को नियमपालन और व्यवस्थित रहना पंसद है. इस राशि का नाकारात्मक पक्ष है क्रोधी होना. किसी भी चीज़ के लिए परवाह नहीं करना एवं आलसपन. इन्हें पित्त सम्बन्धी रोग होने की संभावना प्रबल रहती है. रेड ओपल (Red Opel), रूबी (Ruby) अथवा गारनेट (Garnet) रत्न धारण करना इन्हें लाभ देता है.

कन्या राशि

कन्या छठी राशि है. यह सूर्य के क्रांतिपथ में सिंह और तुला के बीच में स्थित होता है. इस राशि का देशांतरीय विस्तार ११.२ से १५.८ घंटा है. इसका अक्षांशीय विस्तार १५ डिग्री उत्तर से २३ डिग्री दक्षिण है. इस राशि की विशेषता है कि किसी भी कठिनाई एवं मुश्किलों से निकलने के लिए तेजी से प्रयास करते हैं और इनमें सफल भी होते हैं. कला एवं शिल्पशास्त्र के प्रति इनमें लगाव रहता है. प्रेम के विषय मे ये अधिक उत्साहित होते हैं. ये अपने परिवार और पत्नी एवं बच्चों के प्रति अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक रहते हैं. इस नक्षत्र के कुछ नाकारात्क पहलू भी हैं जैसे ये अत्यंतु भावुक होते हैं. विपरीत लिंग वाले व्यक्ति इन्हें विशेष आकर्षित करते हैं. अनजाने में ही किसी साजिश में फंस जाते हैं. इस राशि के व्यक्ति को पन्ना (Emerald), पेरीडोट (Peridot), ओनेक्स (Onix) अथवा फिरोजा (Torquise) धारण करना चाहिए.

तुला राशि

सूर्य के क्रांतिपथ में कन्या और वृश्चिक के बीच रहने वाली सातवीं राशि है. तुला इस राशि का देशांतरीय विस्तार १४.४ से १६ घंटा है जबकि अक्षांशीय विस्तार भूमध्य रेखा से ३० डिग्री दक्षिण है. इस राशि का साकारात्मक पहलू है अत्यधिक पैसा कमाने के लिए उत्सुक रहना. व्यापार में कुशलता का प्रदर्शन. अन्तर्राष्ट्री व्यापार में भी इन्हें सफलता मिलती है. मस्तिष्क संतुलत होता है. ये जासूसी में भी काफी आगे होते हैं. कला के क्षेत्र में से भी इनका विशेष लगाव होता है. नृत्य एवं रंगमंच में कामयाब होते है दिखने में सामान्य होते हैं. आमतौर पर यह राशि आयुष्मान होती है. इस राशि का नाकारात्मक पहलू है अपने वर्चस्व साबित करने के लिए उत्सुक रहना. अपने फायदे के लिए झूठ बोलना. ओपल (Opel), ब्लू डायमंड (Blue Diamond), स्फटिक (Crystals), ब्लू टोपाज (blue Topaz) इस राशि के लिए शुभ रत्न होता है.

वृश्चिक राशि

राशिचक्र की आठवीं राशि है वृश्चिक है. क्रांतिपथ में इसका स्थान तुला और धनु राशि के बीच है. इसका देशान्तरीय विस्तार लगभग १५. ८ से १८. ० घंटा है. वृश्चिक राशि का अक्षांशीय विस्तार १० से ४५ डिग्री दक्षिण में है. यह राशि वीर, साहसी एवं योद्धा के रूप में जाना जाता है. यह राशि कठोर मानी जाती है. इस राशि का विशेष गुण है जो भी लक्ष्य हो उसे किसी भी हाल में प्राप्त करना. इनमें सीखने की इच्छा बलवती होती है. इसलिए विषयों को जानने समझने के लिए धैर्य और शांतिपूर्वक ध्यान केन्द्रित रखते हैं. इस राशि का दूसरा पहलू है चालाकी और होशियारी. अपना काम निकलते ही पल्ला झाड़ना भी इन्हें खूब आता है. विपरीत लिंग वाले व्यक्ति के प्रति इनका व्यवहार रूखा होता है. इन्हें टाईगर आई (Tiger eye), इंद्रगोप अथवा मूंगा (Red Coral) धारण करना चाहिए

धनुराशि

भचक्र की नौवीं राशि है धनु यह वृश्चिक और मकर राशि के बीच स्थित होता है. इस राशि का देशांतरीय विस्तार १७.६ से २०.८ घंटा होता है. इसका अक्षांशीय विस्तार १२ डिग्री उत्तर से ४५ डिग्री दक्षिण है. बेबीलोनिया की कथा में इसे युद्ध का देवता माना गया है. यह राशि दिखने में मजबूत और शक्तिशाली है. पैर मांसल होते हैं. किसी कार्य में आगे बढ़कर कार्य को अंजाम देते हैं. धन संचय की कला में काफी होशियार होते हैं. इनकी बातें प्रभावशाली और मोहित करने वाली होती है. अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए सजग और तत्पर रहते हैं. इस राशि का कमजोर पक्ष है किसी कार्य को पूरा करने के लिए जरूरत से जल्दी जल्दबाजी दिखाना जिसके कारण बनता हुआ काम भी अधूरा रह जाता है. आमतौर पर कार्य को तेजी से करते हैं लेकिन कार्य पूरा किए बिना दूसरों के ऊपर कार्य सौप कर उस काम से हट जाते हैं. इन्हें पाचन सम्बन्धी परेशानियों का भी सामना करना होता है.

मकर राशि

मकर राशि भचक्र की दशवीं राशि है. इस राशि का स्थान सूर्य के क्रांतिपथ में धनु और कुम्भ राशि के बीच है. इस राशि का देशांतरीय विस्तार २०.३ से २२.२ घंटा है इस राशि का अक्षांशीय विस्तार ८ से २८ डिग्री दक्षिण में है. मकर राशि शिक्षा और पठन पाठन में रूचि रखता है. इसे संगीत और नृत्य भी काफी पसंद होता है. दूसरों की मदद एवं सहायता के लिए तैयार रहना भी इसका गुण है. इस राशि का गुण है कि इससे प्रभावित व्यक्ति जहां भी होता हैं शांति और सौहार्द बनाये रखने में योगदान देता है. मकर राशि का नाकारात्मक पहलू है कि इनके हिस्से में परिश्रम और चिंता अधिक होती है. परिवार से इन्हें विशेष सहयोग नहीं मिल पाता है. भाग्य देर से जागता है इसलिए मेहनत का फल भी देर से मिलता है. इस राशि से प्रभावित व्यक्तियों को रोज गारनेट (garnate), लेपिस (lapis) अथवा नीली (Ruby) पहनने की सलाह दी जाती है.

कुम्भ राशि

राशिचक्र की ग्यारहवीं राशि का देशांतरीय विस्तार २०.५ से २४ घंटा तक है. ३ डिग्री उत्तर से २५ डिग्री दक्षिण इसका अक्षांशीय विस्तार है. बेबिलोनिया के धर्म कथाओं में इसे समुद्र का देवता कहा गया है. इस राशि का सकारात्मक पहलू है गहरी अन्तर्दृष्टि, सिद्धांतों और नियम का पालन करना. इसके अंदर ज्ञान का भंडार होता है जो समय और जरूरत के समय दिखाई देता है. इन्हें मनोरंजन पंसद होता है. सीखने के प्रति उत्सुक और लगनशील होना. इसका नाकारात्मक पहलू है शारीरिक रूप से कमज़ोर दिखना, मन में पराजय की भावना. दूसरों से मिलना जुलना भी इन्हें विशेष पसंद नहीं होता है. इस राशि का रत्न है. नीलम (Blue Sapphire), लेपिस और नीली.

मीन राशि

मीन राशिचक्र की बारहवीं राशि है, इस राशि का अक्षांशीय विस्तार ३३ डिग्री उत्तर से ६ डिग्री दक्षिण में है इसका देशांतरीय विस्तार २२.८ से २२ घंटा है. क्रांतिपथ में यह कुम्भ और मीन राशि के बीच होता है. यह राशि की विशेषता है बुद्धिमानी और जीवन के प्रति उत्साहित होना. प्यार और दोस्ती के प्रति उर्जावान दिखना. हमेशा नया करने की चाहत भी इसमें होती है. यह राशि धर्म और अध्यात्म के प्रति श्रद्धावान बनाती है. इसका कमज़ोर पहलू है शारीरिक तौर पर मोटा दिखना, आलसपन और लोकप्रियता प्राप्त करने के लिए अत्यधिक उत्साहित रहना. इनका रत्न है पुखराज (yellow sapphire) एवं टाटरी.

 

पुखराज रत्न Pukhraj ratan

पुखराज के लिए राशि Pukhraj for Rashi

धनु तथा मीन राशियों के जातकों के लिए पुखराज धारण करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।

पुखराज के फायदे Benefits of Pukhraj in Hindi

  •  पुखराज धारण करने से मान सम्मान तथा धन संपत्ति में वृद्धि होती है।
  • यह रत्न शिक्षा के क्षेत्र में भी सफलता प्रदान करवाता है।
  • इस रत्न से जातकों के मन में धार्मिकता तथा सामाजिक कार्य में रुचि होने लगती है।
  • विवाह में आती रुकावटें तथा व्यापार में होता नुकसान से बचने के लिए भी पीला पुखराज धारण करने की सलाह दी जाती है।

पुखराज के स्वास्थ्य संबंधी लाभ Health Benefits of Pukhraj

ज्योतिषी मानते हैं कि जिन जातकों को सीने की दर्द, श्वास, गला आदि रोगों से परेशानी है तो उन्हें पुखराज धारण करना चाहिए।
अल्सर, गठिया, दस्त, नपुंसकता, टीबी, हृदय, घुटना तथा जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए भी पुखराज का उपयोग किया जाता है।

नीला पुखराज रत्न Neela pukhraj ratan

नीला पुखराज के लिए राशि (Blue Sapphire for Rashi)मकर तथा कुंभ राशि के जातकों के लिए नीलम या नीला पुखराज धारण लाभकारी साबित होता है। साथ ही जिन लोगों को शनि साड़ेसाती के प्रभावों से परेशानी हो रही हो उन्हें भी नीलम धारण करने की सलाह दी जाती है।

नीला पुखराज के फायदे (Benefits of Neelam)
* नीला पुखराज धारण करने से मन अशांत नहीं होता है।
* माना जाता है कि नीलम धारण करने से ज्ञान तथा धैर्य की वृद्धि होती है।
* नीलम वाणी में मिठास, अनुशासन तथा विनम्रता पैदा करता है।
* राजनेताओं और राजनीति से जुड़े लोगों के लिए नीलम लाभकारी माना जाता है। कहा जाता है कि इसे धारण करने से नेतृत्व क्षमता बढ़ती है।
* माना जाता है कि जो जातक तनाव तथा चिंताओं से घिरे हों उन्हें नीला पुखराज अवश्य धारण करना चाहिए।

स्वास्थ्य में नीला पुखराज का लाभ (Health Benefits of Blue Sapphire)
* ज्योतिषी मानते हैं कि लकवा, हड्डियों, दांतों और दमा की परेशानी से ग्रस्त रोगियों के लिए नीला पुखराज फायदेमंद हो सकता है।
* कहा जाता है कि नीला पुखराज पहनने से चर्म रोग तथा प्लेग जैसे बिमारियों से निजात मिलती है। ज्योतिषी शनि से प्रभावित रोगों और परेशानियों में भी नीलम या नीला पुखराज धारण करने की सलाह देते हैं।

Ruby GemStone

Ruby GemStone

Ruby GemStone

Ruby is the name given to red gem quality corundum. These can be of varying shades of reds to pink. The best rubies are those, which have a mystical deep red color. The finest rubies are found in Burma.

Thailand, Afghanistan Vietnam and Pakistan also produce bright rubies. India, USA Australia, and Norway also produce rubies which are dark to opaque at times.

Ruby Chemical Composition

The chemical composition of ruby is Aluminium Oxide and the formula is Al2O3. The specific gravity is 4.00 and the refractive index is 1.76-1.77. The hardness of ruby is 9 with a crystal structure of Trigonal.

Ruby increases the heart’s strength, body flexibility, vitality, tissue regeneration, mitosis, circulation, protection from psychic attacks, immunity. This stone decreases inflammation, bleeding, infectious diseases, typhoid, bubonic plague, leukemia, sickle cell anemia, schizophrenia, heart attack, diabetes. It restores the balance of nerves, liver, spleen, heart, thymus, spinal column, adrenals, cholesterol.

Ruby is the stone for Sun and is a precious stone(Ruby GemStone ). The semi-precious substitute for Ruby is Red Garnet.

Ruby Structure

Red Garnet is called Almandine in gemology and its composition is Iron Aluminium Silicate with chemical formula as Fe3Al2(SiO4)3. The specific gravity is 3.77; Refractive index 1.86-1.87 and a hardness of 7.5 having a crystal structure of Cubic. This is found in garnet Mica schist and has worldwide occurrence.

Red garnet increases vitality. It decreases anemia, inflammation, depression, psychosomatic illness, hemorrhaging, inflammation, bleeding, gallstones, kidney stones, anxiety. It helps in restoring a balance of blood circulation, hormones, thyroid, white corpuscles, spinal fluid, pituitary gland, spleen.

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Conflicting Gemstone

Conflicting Gemstone

SUNSun is incompatible with Saturn, Venus, Rahu, and Ketu. The gems for Sun-like Ruby and Garnet should not be used with Blue Sapphire, Diamond, Hessonite and Cat’s Eye.
MOONMoon is incompatible with Rahu and Ketu. Hence, Moon gems as Pearl, Moonstone should not be prescribed with Hessonite and Cat’s Eye.
JUPITERJupiter is incompatible with Mercury and Venus. So, Jupiter gems like Yellow Sapphire should not be used with Emerald or Diamond.
RAHURahu is incompatible with Sun and Moon. Rahu gems like Hessonite should not be used with Ruby or Pearl.
KETUKetu is incompatible with Sun and Moon. Ketu gems like Cat’s Eye should not be used with Ruby or Pearl.
MERCURYAs Mercury is incompatible with Moon, mercury gems such as Emerald should not be used with Pearl or Moonstone.
VENUSVenus is incompatible with the Sun and Moon. Hence, Venus gems like Diamond should not be used with Ruby or Pearl.
SATURNSaturn is incompatible with Sun, Moon, and Mars. Saturn gems such as Blue Sapphire should not be used with Ruby, Pearl or Red Coral.
MARSMars is incompatible with Mercury and Saturn. Mars gems like Red Coral should not be used with Emerald and Blue Sapphire.

 

Yellow Sapphire Gemstone

Yellow Sapphire Gemstone

Yellow sapphire is also known as Oriental Topaz. It is basically Corundum and comes in many other colors as well. The chemical composition is Aluminium Oxide with a formula of Al2O3. The yellow sapphire is mainly found in Queensland and New South Wales in Australia. Even Sri Lanka, East Africa also produce this type of sapphire. The sapphire has the hardness of 9, specific gravity 4.00, refractive index 1.76-1.77 with a Trigonal crystal structure.

Yellow Sapphire Gemstone Benefits 

This stone drastically helps in memory and learning. It is also an effective stone to decrease the effects of snakebite. It helps to balance stomach, gallbladder, spleen, and liver.

Yellow sapphire is the precious stone for Jupiter. The semi-precious substitute is Golden Topaz.

Golden Topaz is actually golden-yellow in color and is sometimes called as Sherry topaz also. Although topaz occurs in other colors also, golden yellow is in the category of gems. It is basically Aluminium Fluorohydroxysilicate with a formula of Al2(F, OH)2SiO4. It is found in igneous rocks and sometimes in alluvial deposits as pebbles also. It is found in USA,Sri Lanka,Burma,former USSR,Australia,Pakistan,Mexico,Japan and Africa.

Topaz has a hardness of 8, specific gravity 3.54, refractive index 1.62-1.63 with a crystal structure of Orthorhombic.

Diamond Gemstone

Diamond Gemstone

Diamond is the hardest mineral on earth, and combined with its exceptional luster and brilliance, is the most prized of all gems. Pure and colorless diamond is the most popular but other varieties like yellow, brown, green, pink, blue and red, even black are also found. Diamond is chemically Carbon and the formula is C.

Because of the uniform arrangement of the carbon atoms, diamond crystals are well formed. Diamond forms at very high temperatures and pressures like 80 KM underground. These days Australia is the main producer.

Diamond Chemical Composition

Ghana, Sierra Leone, Zaire, Botswana, Namibia, USA, former USSR, and Brazil also produce Diamonds. Diamonds are graded for four “C”s for gem quality—Colour; Clarity; Cut; Carat i.e. weight.\

Diamond Hardness

Diamond has the (Diamond Hardness) the hardness of 10.specific gravity 3.52, Refractive index 2.42 with a Cubic crystal structure.

Diamond is the precious stone for Venus. The semi-precious substitute for this is Tourmaline and Rock Crystal.

Tourmaline is basically complex Borosilicate gemologically. The formula for this is Na(Li, Al)3Al6(Bo3)Si6O18(OH)4. It comes in various colors and has different names as well, but the colorless tourmaline is called Anchorite and is used for Venus. This variety occurs in pegmatites of Madagascar and Pala(in California in the USA).

The hardness of Anchorite is 7.5, specific gravity 3.06, refractive index 1.62-1.64 with Trigonal structure.

Tourmaline helps in sleep disorders and is widely used for this. The stone decreases fear, worry, and stress and helps increase sleep. It also acts as a balancing force for eyes, brain, thymus, and thyroid.

Rock crystal is Quartz and is the most common mineral of the earth. It is Silicon Dioxide with a formula SiO2. The crystals are usually found as hexagonal prisms with pyramidal ends. It is found worldwide but the most important sources are Brazil, Swiss and French Alps, Madagascar, USA, former USSR.

The Diamond Hardness of this stone is 7, specific gravity 2.65, refractive index 1.54-1.55 with a Trigonal crystal structure.

Quartz helps to increase lactation, tissue regeneration, eyesight, and detoxification. It helps decrease anemia, jaundice, asthma, constipation, headache, fever, pain, ulcers, leukemia, bubonic plague, radiation protection, sore throat, gland swellings, vertigo, dizziness, burns, and blisters. It balances cell salts, circulation, amino acids, protein, stomach lining, immune system, pituitary gland, and intestines.